जयपुर , अप्रैल् 24 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के बिचून के पास भैराणा धाम में पेड़ों को बचाने के लिए संतों का अग्नि-तप करना सबके लिए बेहद खेदजनक एवं चिंता का विषय बताते हुए कहा है कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निवेश के नाम पर पेड़ न काटे जाये।
श्री गहलोत ने शुक्रवार को अपने बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जो पार्टी धर्म और आस्था के नाम पर लोगों की भावनाओं से खेलकर सत्ता में आई हो, आज उसी के शासन में संतों की पुकार अनसुनी की जा रही है। इससे संत समाज और आमजन में भारी आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ 'एक पेड़ मां के नाम' का ढोंग और दूसरी तरफ ग्रीन कवर को खत्म करने की जिद, यह विकास नहीं, विनाश है। भीषण गर्मी में झुलसते राजस्थान को पेड़ों की जरूरत है। आखिर पेड़ों की बलि देकर और संतों की भावनाओं को आहत कर भाजपा सरकार कौन सा निवेश लाना चाहती है, यह समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अविलंब ध्यान देना चाहिए और उन्हें इस भीषण गर्मी में तप कर रहे इन साधुओं के पास या तो स्वयं जाना चाहिए या अपने किसी मंत्री को भेजना चाहिए। भाजपा सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निवेश के नाम पर पेड़ न काटे जाये।
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