लखनऊ , दिसंबर 05 -- समाजवादी पार्टी (सपा) ने आरोप लगाया है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर समाजवादी बाबा साहेब अम्बेडकर वाहिनी द्वारा छह दिसंबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित की जाने वाली श्रद्धांजलि सभा को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के दवाब में अचानक निरस्त किया गया है।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी थीं, इसके बावजूद भाजपा सरकार के दबाव में प्रशासन ने कार्यक्रम आवंटन रद्द कर दिया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और बाबा साहेब के प्रति दुर्भावनापूर्ण रवैये को दर्शाता है।
पार्टी के राज्य मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में सांसद आर.के. चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री और मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल और समाजवादी बाबा साहेब अम्बेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारती ने संयुक्त रूप से सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि के रूप में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की उपस्थिति निर्धारित थी, लेकिन कार्यक्रम रद्द कर देना भाजपा की घबराहट और दलित समाज की बढ़ती राजनीतिक चेतना के भय को दर्शाता है।
सपा नेताओं ने कहा कि भाजपा सिर्फ वोट बैंक के लिए बाबा साहेब का नाम लेती है, जबकि व्यवहार में उनके विचारों को कुचलने का काम करती है। वक्ताओं के अनुसार, यह कदम यह साबित करता है कि भाजपा को संविधान रचयिता और दलित समाज की प्रगति से असहजता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अपमान का जवाब जनता के बीच जाकर दिया जाएगा। परिनिर्वाण दिवस हर जगह मनाया जाएगा और बाबा साहेब की मूर्तियों पर पुष्पांजलि अर्पित कर पार्टी अपना कार्यक्रम जारी रखेगी।
उन्होने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान और आरक्षण खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जब बाबा साहेब ने संविधान का मसौदा तैयार किया था, तब आरएसएस ने उसका विरोध किया था, क्योंकि वह समाज में बराबरी और सम्मान की परिकल्पना करता है। जबकि भाजपा-आरएसएस की सोच ऊंच-नीच के भेद को बनाए रखने की है।
वक्ताओं ने कहा कि दलित समाज अब जाग चुका है और वह किसी भी कीमत पर अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा। समाजवादी पार्टी बाबा साहेब के अधूरे मिशन सामाजिक न्याय, समता, संसाधनों में समान अधिकार को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव इसी दिशा में संघर्षरत हैं और भाजपा सरकार की नफरत की राजनीति को हर स्तर पर चुनौती दी जाएगी।
प्रेस कांफ्रेंस में "बाबा साहेब अमर रहें", "अखिलेश यादव जिंदाबाद" के नारे लगाए गए। मंच पर लगाए गए श्वेत-श्याम पोस्टरों में लिखा था- "परमिशन रोको, कार्यक्रम रोको पर दलितों की जागृति कैसे रोको" और अनुमति रद्द किए जाने का विरोध दर्ज था। कार्यक्रम में विधायक गौरव रावत सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
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