श्रीगंगानगर , नवंबर 15 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर में शनिवार को सुबह महाराजा गंगासिंह चौक पर युवा एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित यूनिटी मार्च के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक जयदीप बिहानी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक की घटना के बाद विधायक बिहानी ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

श्री बिहानी ने जिला कलेक्टर डॉ. मंजू और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) सुभाष पर प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 17 नवंबर को मध्याह्न 12 बजे भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक बुलाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी, क्योंकि वर्तमान प्रशासनिक अधिकारी भाजपा के हित में काम नहीं कर रहे हैं।

श्री बिहानी ने कहा कि यूनिटी मार्च पूर्वाह्न 10 बजकर 15 मिनट पर शुरू होना था। वह साढ़े 10 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, लेकिन वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। मंच पर उपस्थित लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने देखा कि धूप तेज हो रही है और मार्च में शामिल होने आए बच्चे परेशान हो रहे हैं। बच्चों से पूछने पर जब उन्होंने मार्च शुरू करने की सहमति दी, तभी एडीएम सुभाष दौड़ते हुए वहां पहुंचे। श्री बिहानी ने एडीएम से प्रोटोकॉल के बारे में सवाल किया तो उनका जवाब था कि-वह यहां रहना ही नहीं चाहते और आप मेरा स्थानांतरण करवा दें। इस पर बिहानी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि वह कौन होते हैं स्थानांतरण करवाने वाले। अगर आप यहां नहीं रहना चाहते तो उच्च अधिकारियों को लिखकर भेज दें।

विधायक बिहानी ने कहा कि जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन करती रहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैडम कलेक्टर हमेशा विधायक के आने के बाद ही कार्यक्रम में पहुंचती हैं। एक साधारण कर्मचारी या अधिकारी भी जानता है कि जनप्रतिनिधि के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल क्या होता है।

बाद में भाजपा के जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह वहां पहुंचे और उन्होंने उन के साथ मिलकर यूनिटी मार्च को हरी झंडी दिखाई।

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