धर्मशाला , अप्रैल 08 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली हिमाचल प्रदेश सरकार पर तीखा हमला करते हुए, पंचायती राज चुनाव रोस्टर में कथित हेरफेर के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया है।
श्री कपूर ने यहां कहा कि राज्य "पूर्ण कुशासन" जैसे दौर का गवाह बन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जमीनी स्तर के चुनावों का सामना करने से "डरी" हुई है और लोकप्रिय तथा मेहनती उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य भर के हजारों युवा, महिलाएं और इच्छुक उम्मीदवार, जो पिछले पांच वर्षों से चुनाव लड़ने की उम्मीद में अपने समुदायों की सेवा कर रहे थे, अब खुद को "ठगा और छला हुआ" महसूस कर रहे हैं। श्री कपूर ने आरोप लगाया कि उपायुक्तों को रोस्टर में सीमित पांच प्रतिशत समायोजन की अनुमति देने के बहाने सरकार ने 15 प्रतिशत तक "अवैध हेरफेर" किया है।
उन्होंने कहा, "यह वास्तविक उम्मीदवारों की लोकप्रियता और सेवा भावना पर सीधा हमला है। कांग्रेस नहीं चाहती कि ईमानदार और शिक्षित व्यक्ति पंचायती राज व्यवस्था में जन प्रतिनिधि के रूप में उभरें।" भाजपा नेता ने सरकार पर उन पंचायतों में जानबूझकर रोस्टर बदलने का आरोप लगाया जहां कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम का उद्देश्य सक्षम और जमीनी नेताओं को दरकिनार करना था, जबकि यह सुनिश्चित करना था कि केवल "अनुकूल व्यक्ति" ही चुनावी मैदान में रह सकें।
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