पटना , अक्टूबर 30 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को चुनाव आयोग में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें बिहार में अपनी चुनावी रैलियों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
पटना में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपी गई एक लिखित शिकायत में भाजपा ने आयोग से अनुरोध किया है कि राहुल गांधी को कारण बताओ नोटिस जारी कर उन्हें बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के निर्देश दिये जायें। इस शिकायत में यह भी लिखा गया है कि लोकतांत्रिक संवाद की पवित्रता को बनाए रखने के लिए श्री गाँधी के चुनाव प्रचार पर एक निश्चित अवधि के लिए रोक लगाया जाये ।
भाजपा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि श्री गांधी की टिप्पणी व्यक्तिगत, अभद्र और एक राष्ट्रीय नेता के लिए अनुचित थी, जिससे आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(4) का उल्लंघन हुआ, जो भ्रष्ट चुनावी प्रथाओं को परिभाषित करती है।
शिकायत में 29 अक्टूबर को दरभंगा में अपनी जनसभाओं के दौरान गांधी की टिप्पणियों का ज़िक्र है, जहाँ उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि चुनावों से पहले अगर वोट के बदले मोदी जी को नाचने के लिए कहा जाये, तो वह नाचेंगे। भाजपा ने कहा कि यह टिप्पणी प्रधानमंत्री पद के प्रति बेहद अपमानजनक है और इसने शालीनता और लोकतांत्रिक मर्यादा की सभी सीमाओं को लांघ दिया है।
शिकायत में कहा गया है कि राहुल गांधी का बयान प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत चरित्र और गरिमा पर सीधा हमला है और इसका सार्वजनिक नीति या कामकाज से कोई संबंध नहीं है। यह व्यक्तिगत निंदा के समान है और आदर्श आचार संहिता की भावना का उल्लंघन करता है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि श्री गांधी की टिप्पणियों का उद्देश्य चुनावी लाभ के लिए प्रधानमंत्री की सार्वजनिक छवि को धूमिल और अपमानित करना था, जो स्पष्ट रूप से जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत भ्रष्ट चुनावी आचरण के दायरे में आता है।
शिकायत में आगे कहा गया है कि भारत के प्रधानमंत्री राष्ट्र की संप्रभुता और गरिमा का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस तरह की अभद्र टिप्पणी सर्वोच्च संवैधानिक पद के प्रति जनता के विश्वास को कम करती है और सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक अश्लीलता और नैतिक पतन को बढ़ावा देती है।
भाजपा ने ज़ोर देकर कहा कि चुनाव आयोग ने बार-बार राजनीतिक दलों से चुनाव प्रचार के दौरान, खासकर संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के प्रति, शिष्टाचार, शिष्टता और सम्मान बनाए रखने का आग्रह किया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित