भोपाल , अप्रैल 2 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश को कर्ज के बोझ में डुबो दिया है और वर्तमान स्थिति में चार साल की पूरी आय से भी यह कर्ज नहीं चुकाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार ने प्रतिदिन लगभग 250 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर सरकारी ढांचे को संचालित किया और इस दौरान कुल 91 हजार 500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। इसके साथ ही प्रदेश पर कुल कर्ज 5.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
माकपा नेता ने कहा कि प्रदेश की आबादी लगभग 9 करोड़ मानें तो प्रति व्यक्ति कर्ज करीब 6.17 लाख रुपये बैठता है, जबकि प्रति व्यक्ति वार्षिक आय करीब 1.69 लाख रुपये है। ऐसे में यदि पूरी आय भी कर्ज चुकाने में लगाई जाए तो भी इसे चुकाने में चार वर्ष लगेंगे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा कर्ज पर लगभग 12 प्रतिशत की दर से हर वर्ष करीब 66 हजार 720 करोड़ रुपये ब्याज देना पड़ रहा है। साथ ही सरकार लगातार नया कर्ज लेने की तैयारी में है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का आरोप है कि कर्ज का बड़ा हिस्सा जनता के कल्याण के बजाय भ्रष्टाचार में खर्च हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों को उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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