अगरतला , जनवरी 16 -- त्रिपुरा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद बिप्लब कुमार देब ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा और तृणमूल कांग्रेस सरकार पर वाम मोर्चा काल से चली आ रही दशकों की कुशासन की विरासत को जारी रखने का आरोप लगाया।
श्री देब ने अपने बयान में तृणमूल कांग्रेस को राज्य में आर्थिक ठहराव, उद्योगों के पलायन और रोजगार के अवसरों की कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने भाजपा को राज्य के लिए प्रमुख विकल्प बताया तथा प्रदेश में विकास, सम्मान और असरदार शासन को फिर से लाने के लिए पार्टी के वादे पर जोर दिया।
उन्होंने दावा किया कि लगभग 1.5 करोड़ युवा रोजगार की तलाश में पश्चिम बंगाल से चले गये हैं और इस रुझान के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं तथा इसे उद्योग-विरोधी और तुष्टिकरण वाली नीति करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 7,000 छोटे-बड़े उद्योग खराब व्यापारिक माहौल के कारण बंद हो गये या स्थानांतरित हो गये।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के नारे 'मां, माटी, मानुष' को महज राजनीतिक नारा बताया और कहा कि इससे जनता को कोई खास फायदा नहीं होने वाला है। उन्होंने कम्युनिस्ट शासन और मौजूदा तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व दोनों को राज्य की आर्थिक गिरावट के लिए जिम्मेदार बताया।
श्री देब ने राज्य के नेतृत्व पर जन कल्याण के बजाय निजी और राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में बढ़ते कर्ज और स्थिर आय के कारण उत्पन्न गंभीर वित्तीय संकट की ओर इशारा किया। उन्होंने बेरोजगारी और उद्योगों की गिरावट पर चिंता व्यक्त की और इससे होने वाले बड़े पैमाने पर पलायन और राज्य के सामाजिक-आर्थिक ढांचे पर इसके प्रभाव का उल्लेख किया।
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