राजनांदगांव , जनवरी 05 -- भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुधांशु त्रिवेदी द्वारा गाय को लेकर दिए गए विवादित बयान के विरोध में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राजनांदगांव में जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन युवा नेता एवं पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री तथा प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के सचिव विशु अजमानी के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित किया गया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पहले एक घुमंतू गाय की विधिवत पूजा-अर्चना की, इसके पश्चात भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया।

सभा को संबोधित करते हुए युवा नेता एवं पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा प्रारंभ की गई गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ की एक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी पहल थी, जिसने गौवंश संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला स्व-सहायता समूहों और गौपालकों को आर्थिक संबल प्रदान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही इस योजना को बंद कर गौवंश और ग्रामीण आजीविका-दोनों का अपमान किया है।

प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के सचिव विशु अजमानी ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा एक ओर गाय के नाम पर राजनीति करती है, वहीं दूसरी ओर गौवंश को लेकर भेदभावपूर्ण बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में गौवंश वध पर प्रतिबंध से जुड़े कानून कांग्रेस शासनकाल में ही लागू हुए थे, इसलिए भाजपा को गौ-रक्षा पर नैतिक उपदेश देने का अधिकार नहीं है।

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि "जर्सी गाय को गौ माता नहीं माना जा सकता।" कांग्रेस नेताओं ने इसे हिंदू आस्था का सीधा अपमान बताते हुए कहा कि भाजपा अब गायों को भी नस्ल और उत्पत्ति के आधार पर बांटने की राजनीति कर रही है।

पंकज.अभयवार्ताकांग्रेस नेताओं ने भाजपा नेतृत्व से इस बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने तथा छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को पुनः शुरू करने की मांग की, जिससे गौवंश संरक्षण और ग्रामीण हितों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित हो सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित