हरिद्वार , जनवरी 06 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार व देहरादून जिले मे दर्ज चार मुकदमो मे से दो पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमुर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने दर्ज चार मुकदमो मे से उन्हें दो मुकदमो मे फौरी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

इसके साथ ही एकल पीठ ने राज्य सरकार सहित मुकदमा दर्ज करने वालो को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के अंदर अपना पक्ष रखने को कहा है। आज राठौर ने दर्ज दो मुकदमो को उच्च न्ययालय में चुनोती दी है। जिसमे उनकी गिरफ्तारी पर अदालत ने फौरी तौर पर रोक लगा दी है।

मामले के अनुसार भाजपा के पूर्व विधायक व उर्मिला सोनावर पर हरिद्वार के झब्रेड़ा, बाहदराबाद व देहरादून के नेहरू कॉलोनी सहित डालंवाला मे यह कह कर मुकदमा दर्ज किया गया है कि उनके द्वारा दुष्यन्त गौतम की छवि खराब करने के लिए फेसबुक सहित सोशियल मिडिया मे विडिओ व ऑडिओ वाइरल कि जा रही है।जिसकी वजह से उनकी छवि धूमिल हो रही है।

दर्ज मुकदमे मे कहा गया है कि इनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कि जाय। याचिका में कहा गया है कि उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाय और दर्ज मुकदमों को निरस्त किया जाय। उनके द्वारा कोई सोसियल मीडिया पर दुष्प्रचार उनके खिलाफ नही किया जा रहा है।

सुरेश राठौर की ओर पैरवी करते हुए अधिवक्ताओं ने दलील दी की दुष्यंत गौतम के मामले में अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित ऑडियो उर्मिला सनावर ने वायरल की है । साथ ही उन के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में उनपर कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है ।

उच्च न्यायालय ने वकीलों की दलील सुनने के बाद भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है ।

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