मुंबई , जनवरी 05 -- महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोमवार को कहा कि राज्य में स्थानीय स्वशासन चुनावों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों को नुकसान पहुंचाया गया है।
श्री सपकाल ने यहां तिलक भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव कोई नयी बात नहीं है। एक स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्षी दल भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल में छह गैर-कांग्रेसी मंत्री थे, जो हमारी संस्कृति और परंपरा को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने लोकतंत्र को समाप्त कर दिया है और राज्य में पैसे का खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि मतदान से पहले ही विधायकों की खरीद-फरोख्त शुरू हो गई है और भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति की सत्ता की भूख इस हद तक बढ़ गई है कि उसने लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति सारा सम्मान खो दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और महायुति ने ऐसी मानसिकता विकसित कर ली है कि वे किसी भी प्रकार का विपक्ष नहीं चाहते।
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