चंडीगढ़ , मई 01 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी द्वारा शुक्रवार को आयोजित 'जनता दी विधानसभा' में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
इस दौरान सदन में नारे लगे, 'पंजाबी करे पुकार, सत्ता छोड़े मान सरकार'। सभा में मुख्यमंत्री पर विधानसभा में कथित रूप से नशे की हालत में आने का आरोप लगाते हुए उनके पद से हटाने की मांग भी की गयी। अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पठानकोट से विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि सरकार उच्च न्यायालय के निर्देशों की परवाह नहीं करती और कर्मचारी विरोधी बन चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टरवाद, नशे से मौतें और बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की राजनीति झूठ पर आधारित है और पंजाब को नशामुक्त बनाने का वादा पूरी तरह विफल रहा है।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने स्थिति को 'लोकतंत्र का सबसे काला दौर' बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आचरण ने संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। श्री जाखड़ ने कहा कि भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री पद के योग्य नहीं हैं। उन्होंने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से हस्तक्षेप करने कीअपील करते हुए कहा कि पंजाब को बचाइए, इस राज्य को एटीएम बना दिया गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा, "अगर छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो नार्को जांच से डर क्यों?" उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों को वादे के मुताबिक रोजगार नहीं मिल रहा और सरकार केंद्र की योजनाओं का लाभ भी नहीं उठा पा रही।
श्री चुघ ने कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन, न्यायालय के आदेशों की अनदेखी और मीडिया की आवाज दबाना इस सरकार की पहचान बन चुके हैं। पूर्व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष विजय सांपला ने कहा कि अनुसूचित जातियों से किये गये बड़े वादों में से एक भी पूरा नहीं किया गया। भाजपा नेता इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि सिख भावनाओं का सम्मान केवल प्रतीकात्मक नहीं होना चाहिए।
राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने आर्थिक मुद्दों पर चिंता जताते हुए कहा कि एक ओर बेरोजगारी है और दूसरी ओर प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी है। उन्होंने दीर्घकालिक विकास नीतियों पर ध्यान देने की आवश्यकता बतायी।
सत्र के अंत में भाजपा नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार शासन, जनविश्वास और जवाबदेही, तीनों मोर्चों पर विफल रही है और उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित