बेंगलुरु , जनवरी 27 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) (जदएस) ने राज्यपाल के कथित अपमान के विरोध में विधानसभा के बाहर संयुक्त प्रदर्शन किया।

दोनों दलों ने हाल ही में राज्य विधानमंडल के संयुक्त सत्र के दौरान सत्ताधारी कांग्रेस विधायकों द्वारा राज्यपाल थावरचंद गहलोत के प्रति किए गए कथित अपमान और अनादर की कड़ी निंदा की। विपक्षी नेताओं ने शासन, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े कई अन्य मुद्दे भी उठाए।

विपक्षी विधायकों ने कई कांग्रेस सदस्यों को निलंबित करने की मांग की। विपक्षी दलों ने संक्षिप्त समारोह के बाद विधानसभा से बाहर निकलते समय राज्यपाल के साथ किये गये व्यवहार का हवाला देते हुए तर्क दिया कि इस तरह के व्यवहार ने राज्यपाल के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुँचाई है।

भाजपा और जदएस नेताओं ने शिडलघट्टा में एक महिला नगर आयुक्त के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करने वाले कांग्रेस नेता के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने बल्लारी में एक 'मॉडल हाउस' को जलाने की घटना की गहन जांच का आग्रह किया। उन्होंने एक विदेशी महिला के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में एक कांग्रेस सांसद की कथित संवेदनहीन टिप्पणी की भी निंदा की।

इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और दोनों दलों के विपक्षी विधायकों सहित भाजपा और जदएस के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। उन्होंने कहा कि उनके प्रदर्शन का उद्देश्य संवैधानिक मानदंडों की रक्षा करना, जवाबदेही सुनिश्चित करना और शासन तथा महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करना है।

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