रांची , जनवरी 25 -- झारखंड की राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर आज भाकपा माले के आह्वान पर "संविधान संकल्प मताधिकार रक्षा दिवस" के तहत जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।

यह प्रदर्शन मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के सवाल पर किया गया, जिसमें चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शुभेन्दु सेन ने कहा कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के माध्यम से करोड़ों मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की प्रक्रिया लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। जब एक तरफ मतदाता अधिकार दिवस मनाया जा रहा है और दूसरी तरफ मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की साजिशें रची जा रही हैं, तो यह पूरा आयोजन महज एक औपचारिक दिखावा बनकर रह जाता है। उन्होंने कहा कि संविधान में निहित समान मताधिकार के अधिकार पर यह सीधा हमला है।

वहीं अनन्त प्रसाद गुप्ता ने कहा कि संविधान से हो रही छेड़छाड़ और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ व्यापक जनसंघर्ष की जरूरत है। लोकतंत्र की मजबूती मताधिकार की रक्षा से ही संभव है और इसके लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष तेज करना होगा। उन्होंने चुनाव आयोग से इस पूरी प्रक्रिया को तत्काल वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने संविधान से हो रही छेड़छाड़ पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसे तत्काल बंद करने की मांग की। "लोकतंत्र-मताधिकार की रक्षा की लड़ाई तेज करो" जैसे नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने अपनी आवाज बुलंद की और जनतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।

इस विरोध प्रदर्शन में शुभेन्दु सेन, टोनी, टॉम, मार्टिन, याकूब उरांव, शिव प्रसाद, जयंत पांडे, प्रवीर पीटर, प्रिया शीला, सुदामा खलखो, झरिया मुंडा, संतोष मुंडा, शालीन, सत्यप्रकाश, सलोनी, अजीत लाकड़ा, सुषमा गाड़ी, शांति सेन, एती तिर्की, नंदिता भट्टाचार्य, विजय कुमार, राजीव, रामेश्वर मुंडा, निखिल राज, त्रिलोकी नाथ, शशि सागर, मोहन दत्ता, अनंत प्रसाद गुप्ता और नसीम खान सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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