पटना, जनवरी 02 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के शताब्दी वर्ष समारोह में शुक्रवार को पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव ए.बी. बर्धन की 11वीं पुण्यतिथि मनाई गई।

श्री बर्धन की पुण्यतिथि पर आज पार्टी का शताब्दी वर्ष समारोह स्थानीय अभियंता संघ भवन मे झंडोत्तोलन, शहीदों के याद में बनाये गये शहीद बेदी, पार्टी संस्थापकों और पूर्व महासचिव ए.बी. बर्धन की तैल चित्र पर पुष्पांजलि के साथ प्रारंभ हुआ।

झंडोत्तोलन भाकपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद नागेन्द्रनाथ ओझा ने किया। इस अवसर पर भाकपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फासीवादी रास्ते पर चल रही जन विरोधी केंद्र की नरेंद्र मोदी और बिहार की डबल इंजन की सरकार के खिलाफ जन संघर्ष तेज करने और बिहार में पार्टी के जनाधार को मजबूत करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय सचिव डा. गिरीश चंद्र शर्मा ने कहा कि भाकपा का इतिहास संघर्ष और शहादत का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना 26 दिसम्बर 1925 को कानपुर में हुई और पार्टी ने गुजरे वर्षों में देश को आजादी दिलाने में भाकपा ने महती भूमिका निभाई थी।उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्ता में बैठी मोदी सरकार देश को फासीवादी रास्ते पर ले जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों की हिमायती नही है और उसे सिर्फ पूंजीपतियों की चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने सभी फैसले अडानी और अन्य पूंजीपतियों के हित में लेती है। उन्होंने कहा कि देश भयंकर बेरोजगारी के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार वोट चोरी से बनी है। चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराये गए और चुनाव के दौरान सरकारी धन से वोट खरीदा गया।

श्री शर्मा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू की वैशाखी पर चल रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत कम्युनिस्ट पार्टी ही साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ सकती है, इसलिए भाकपा को बिहार में फिर से मजबूत बनाने की कोशिश होनी चाहिए, जिसके दम पर केंद्र से साम्प्रदयिक भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने में मदद मिलेगी।

भाकपा के पूर्व सांसद नागेन्द्र नाथ ओझा ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का इतिहास गौरवशाली है। देश में कल्याणकारी योजनाओं को लागू कराने में भाकपा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। केंद्र सरकार देश को फासीवादी रास्ते पर ले जा रही है। यह सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र खतरे में है। दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का पहला लक्ष्य केंद्र की सत्ता से साम्प्रदायिक उन्माद पैदा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को हटाना है। उन्होंने कहा कि भूतकाल में बैंकों के राष्ट्रीयकरण और मजदूरों के हक में कानून बनवाने में कम्युनिस्ट आन्दोलन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

समारोह को पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. एम. जब्बार आलम ने भी संबोधित किये। उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित