मुंबई , फरवरी 14 -- बॉलीवुड अभिनेत्री संदीपा धर का कहना है कि भाई-बहनों के बीच तुलना उन्हें प्रतिद्वंद्वी बना देती है, प्यार को शर्तों से जोड़ देती है और ऐसे ज़ख्म छोड़ जाती है जिन्हें भरने में सालों लग जाते हैं।
संदीपा धर,20 फरवरी को रिलीज़ होने जा रही फिल्म 'दो दीवाने सहर में' में नैना के किरदार में नज़र आने वाली है।जा रही संदीपा धर ने हाल ही में अपने फैंस के साथ एक ऐसा भावुक और सच्चा अनुभव साझा किया है, जिससे हम सब कभी न कभी गुज़रे होंगे। इस फिल्म में मृणाल ठाकुर की बहन बनी संदीपा धर ने खूबसूरती से अपनी बात रखी है।
संदीपा ने अपने सोशल मीडिया पर एक संदेश के साथ कड़वी सच्चाई बयां करते हुए लिखा है, "अपने भाई या बहन को देखो, वह कितना अच्छा है. यह एक ऐसा वाक्य है जो बचपन की अनकही यादों को तुरंत जगा देता है।"संदीपा धर के अनुसार ,नैना का किरदार निभाते हुए उन्हें समझ आया कि कैसे लगातार तुलना किसी की पहचान, आत्मविश्वास और रिश्तों को धीरे-धीरे खोखला कर देती है।उन्होंने कहा, तुलना, भाई-बहनों को प्रतिद्वंद्वी बना देती है, प्यार को शर्तों से जोड़ देती है और ऐसे ज़ख्म छोड़ जाती है जिन्हें भरने में सालों लग जाते हैं। माता-पिता, शिक्षक या रिश्तेदार अक्सर अनजाने में कहे गए "अपनी बहन जैसी बनो" जैसे वाक्यों के असर को नहीं समझ पाते, लेकिन वही बातें जीवन भर दिमाग में गूंजती रहती हैं।
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