हैदराबाद , मार्च 01 -- कोर ऑफ ईएमई के कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल राजीव कुमार साहनी ने भविष्य के संघर्षों के लिए स्वदेशी तकनीक विकसित करने की जरूरत पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि आने वाले वर्षों में किसी भी देश की परिचालन तैयारी और रणनीतिक क्षमता बहु-डोमेन अभियानों, उन्नत डाटा फ्यूजन और मिशन-उन्मुख आर्किटेक्चर पर निर्भर करेगी।
उन्होंने 27-28 फरवरी को सिकंदराबाद स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (एमसीईएमई) में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य के युद्धक्षेत्र में थल, वायु और समुद्री डोमेन का निर्बाध एकीकरण आवश्यक होगा। यह संगोष्ठी 'मुख्यालय सेना प्रशिक्षण कमान' के तत्वावधान में रोबोटिक्स, स्वायत्त ड्रोन प्रणालियों और योगशील विनिर्माण विषय पर आयोजित की गयी थी।
उन्होंने स्वायत्त प्रणालियों को अपनाते समय अंतर-संचालनीयता, साइबर सुदृढ़ता और मानवीय निगरानी के महत्व को रेखांकित किया तथा 'मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' दृष्टि के अनुरूप राष्ट्रव्यापी दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
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