भरतपुर , जनवरी 27 -- राजस्थान में भरतपुर संभाग के पांच जिलों में मंगलवार को सरकारी बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं ठप रहने से आम ग्राहकों, किसानों और छोटे व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर कर्मचारियों और अधिकारियों ने भरतपुर, डीग, करौली, धौलपुर एवं सवाईमाधोपुर जिले में धरना-प्रदर्शन करके नारेबाजी करते हुए सरकार और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
संभाग में अधिकतर बैंक शाखाएं बंद रहने से एटीएम में नकदी की कमी हुई और ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग पर निर्भर रहना पड़ा। बैंककर्मियों की मुख्य मांग उस समझौते को लागू करने की है, जिसमें सभी शनिवार को अवकाश के साथ पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह का प्रावधान है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बैंकों में कर्मचारियों की कमी और बढ़ते कार्यभार के कारण कर्मचारियों की जीवनशैली प्रभावित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि समझौते पर सहमति और आईबीए की मंजूरी के बावजूद सरकार ने अब तक इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। इस देरी के कारण कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। बैंक कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गयीं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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