भदोही , मई 11 -- उत्तर प्रदेश में भदोही जिले की एक अदालत ने हत्या के एक मामले में सोमवार को नौ आरोपियों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि शुकुलपुर निवासी सूर्यनारायण शुक्ला ने नौ मई 2023 को सदर कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पुरानी रंजिश को लेकर गांव के सुरेश शुक्ला के उकसाने पर सत्यम शुक्ला समेत कई लोगों ने उनके पुत्र वेद प्रकाश (22) और भतीजे त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला (30) के साथ मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

मारपीट की घटना में त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला के सिर में गंभीर चोट आई थी, जबकि वेद प्रकाश भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला की मृत्यु हो गई थी।

पुलिस ने मामले में हत्या समेत अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि पुलिस की प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश/पॉक्सो प्रथम/गैंगेस्टर अधिनियम न्यायालय भदोही के न्यायाधीश लोकेश कुमार मिश्र ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए नौ आरोपियों को दोषी करार दिया।

न्यायालय ने सुरेश शुक्ला, शैलेन्द्र उर्फ सत्यम, धर्मेन्द्र उर्फ सुन्दरम, सर्वेश शुक्ला, विकास उर्फ राहुल शुक्ला, आकाश शुक्ला, विन्ध्यवासिनी शुक्ला, जलनी शुक्ला तथा संतोष शुक्ला, निवासी शुकुलपुर हरिहरपुर थाना ज्ञानपुर, जनपद भदोही को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

इसके साथ ही सभी दोषियों पर 32 हजार 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषियों को अधिकतम एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

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