भदोही , जनवरी 14 -- उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में मकर संक्रांति का त्योहार बुधवार को धूमधाम से मनाया गया।
मकर संक्रांति का पर्व हिंदू धर्म में आस्था, सेवा और दान-पुण्य का महापर्व माना जाता है। जिसका अत्यंत धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व है। यह दिन सूर्य देव को समर्पित है, देश के विभिन्न हिस्सों में इसे अलग-अलग नामों से मनाया जाता है जैसे पोंगल व खिचड़ी संक्रांति आदि।
ज्योतिषाचार्य पंडित आलोक शास्त्री ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं। इसी दिन से सूर्य की उत्तरायण गति शुरू होती है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन किए गए दान-पुण्य से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनिदेव से मिलने उनके घर जाते हैं, इसलिए इसे पिता और पुत्र के बीच प्रेम और मेल-मिलाप का प्रतीक माना जाता है।
उन्होंने बताया कि एक अन्य मान्यता के अनुसार, इसी दिन गंगा जी भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई सागर में मिली थीं, जिसके उपलक्ष्य में गंगासागर में बड़ा मेला लगता है। इस पर्व से खरमास समाप्त हो जाता है और विवाह, गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है।
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