जयपुर , फरवरी 19 -- राजस्थान के युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने युवाओं के लिए बेहतर अवसर सृजित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी बताते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वह युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में प्रतिबद्धता से आगे बढ़ी है और राजकीय सेवा में नौकरियां देने से लेकर निजी क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए संकल्पित हैं तथा दो साल में ही खिलाड़ियों को 40 करोड़ रुपए की सहायता देकर प्रोत्साहित किया है और इसे 100 करोड़ रूपए तक ले जाया जायेगा।
कर्नल राठौड़ गुरुवार को विधानसभा में युवा मामले एवं खेल विभाग की अनुदान मांग पर बहस का जवाब दे रहे थे। इसके बाद सदन ने युवा मामले एवं खेल विभाग की 2 अरब 29 करोड़ 85 लाख 28 हजार रूपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी।
इससे पहले कर्नल राठौड़ ने कहा कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए कोई कसर नहीं रखी जाएगी। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के कार्यकाल और वर्तमान सरकार के दो साल की उपलब्धियों की तुलना करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के रूप में 72 करोड़ रूपए की सहायता दी गई वहीं हमारी सरकार ने दो साल में ही 40 करोड़ रूपए की सहायता देकर प्रोत्साहित किया है। इसे हमारी सरकार 100 करोड़ रुपए तक ले जाएगी।
कर्नल राठौड़ ने बताया कि आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां देने में हमारी सरकार तेजी से आगे बढ़ी है। पूर्ववर्ती सरकार ने पूरे पांच साल में 248 खिलाड़ियों को ही नियुक्तियां दी, जबकि हमनें दो साल में ही 186 खिलाड़ियों को नियुक्तियां दे चुके हैं। आगामी जून तक यह संख्या 300 पार हो जाएगी। वर्तमान सरकार में खेल उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता से खिलाड़ी बेहतर और नियमित अभ्यास कर पा रहे हैं। गत सरकार ने पांच साल में सिर्फ 6.50 करोड़ रूपए के ही खेल उपकरण खरीदे थे जबकि वर्तमान सरकार के दो साल में ही लगभग 19 करोड़ रूपए की लागत से उपकरण खरीदे जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को शीघ्र ही महाराणा प्रताप और गुरू वशिष्ठ पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा, सूची तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने कार्यकाल में एक बार भी ये पुरस्कार नहीं दिए थे। साथ ही उनके पूरे कार्यकाल में एक भी राष्ट्रीय स्तर का आयोजन नहीं हुआ जबकि वर्तमान सरकार ने केन्द्र सरकार के मापदंडों के अनुसार 100 करोड़ रूपए व्यय कर व्यवस्थापक के रूप में 'खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025' का भव्य आयोजन कराया है। इसमें देश के सात हजार से अधिक खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, जिनमें प्रदेश के खिलाड़ियों ने 34 पदक जीते।
कर्नल राठौड़ ने बताया कि वर्तमान सरकार की दूरगामी सोच और खेल-खिलाड़ियों के लिए हुए अहम निर्णयों और नीतियों से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल रहा है। इसी का सफल परिणाम है कि राजस्थान ने खिलाड़ियों ने 'खेलो इंडिया यूथ गेम्स' में 60 पदक जीतकर देश में तीसरा स्थान हासिल किया। पेरिस पैरा ओलम्पिक-2024 में अवनी लेखरा ने स्वर्ण, सुंदर सिंह गुर्जर और मोना अग्रवाल ने कांस्य पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया वहीं पेरिस ओलम्पिक में प्रदेश के खिलाड़ी चौथे स्थान पर भी रहे जो बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की भविष्य की चिन्ताएं दूर करने एवं जोखिम से बचाव के लिए लिए 'स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम' के तहत 25 लाख रुपए तक का दुर्घटना एवं जीवन बीमा किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आपसी समन्वय से बेहतर माहौल तैयार करने के लिए जनप्रतिनिधियों से आग्रह भी किया।
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