श्रीगंगानगर , दिसम्बर 04 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय के समीप गांव साधुवाली में महत्वाकांक्षी नहर परियोजना का शिलान्यास करेंगे।

सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि यह नहर पंजाब के फिरोजपुर फीडर में है, जिसे आमतौर पर फिरोजपुर नहर भी कहा जाता है, यह पूरी तरह पंजाब राज्य की सीमा के अंदर है, लेकिन इसके पानी से राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले का करीब आधा हिस्सा सिंचित होता है।

फिरोजपुर फीडर हरिके बैराज (पंजाब) से निकलती है और इसका अंतिम सिरा भी पंजाब में ही है, जो राजस्थान की सीमा से भी कई किलोमीटर दूर है। सूत्रों ने बताया कि इस नहर की आरडी-45 पर बना हेड राजस्थान की बीकानेर नहर (गंगनहर) को पानी की आपूर्ति करता है, जो खखां हेड के जरिए श्रीगंगानगर के बड़े क्षेत्र को हरा-भरा रखता है। पिछले 15 वर्षों से जर्जर हो चुकी इस नहर की जल-वहन क्षमता काफी कम हो गयी थी, जिससे श्रीगंगानगर को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन मंडल (बीबीएमबी) द्वारा निर्धारित किए जाने वाले पानी का हिस्सा भी पूरा नहीं मिल पाता।

सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ रुपये की लागत से इस फिरोजपुर नहर के पुनर्निर्माण को मंजूरी दे दी है। पहले चरण में आरडी 15 से 55 तक का काम होगा, जिससे नहर की क्षमता मौजूदा 11 हजार क्यूसेक से बढ़कर 13 हजार 642 क्यूसेक हो जाएगी। परियोजना के पूरा होने पर श्रीगंगानगर के किसानों को पूरा-पूरा पानी मिल सकेगा।

उधर बताया जा रहा है कि परियोजना से किसानों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, लेकिन शिलान्यास राजस्थान की जमीन-साधुवाली पर होने को लेकर किसान संगठनों में तीखी नाराजगी है। ग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस) के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह राजू ने कहा कि कायदे से शिलान्यास पंजाब में ही होना चाहिए था, जहां नहर शुरू होती है। साधुवाली में करने से कार्यक्रम का कोई औचित्य नहीं बनता। फिर भी हमारा डेढ़ दशक का संघर्ष सफल हुआ, इसलिए मुख्यमंत्री का स्वागत करेंगे।

जीकेएस के प्रदेश महासचिव संतवीर सिंह मोहनपुरा ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि ठीक 100 वर्ष पहले पांच दिसंबर 1925 को बीकानेर के महाराजा गंगासिंह ने पंजाब में ही गंगनहर का शिलान्यास किया था। उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री को भी पंजाब जाकर शिलान्यास करना चाहिए था।

गंगनहर के अध्यक्ष हरविंदर सिंह गिल ने बताया कि पहले चरण में फिरोजपुर नहर का 40 आरडी (15 से 55) का काम होगा। नहर का हालांकि सबसे खराब हिस्सा आरडी 55 से 168 तक है, लेकिन पहले चरण से भी श्रीगंगानगर को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने राजस्थान सरकार से पंजाब क्षेत्र में स्थित गंगनहर के हिस्से के पुनर्निर्माण की भी मांग की।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार काे ही साधुवाली में प्रस्तावित गाजर मंडी का भी शिलान्यास करेंगे। श्री शर्मा एक दिवसीय दौरे पर श्रीगंगानगर आयेंगे। वह पूर्वाह्न 11.30 बजे जयपुर से विशेष विमान से रवाना होकर मध्याह्न 12 बजकर 20 मिनट पर सूरतगढ़ हवाई अड्डे पहुंचेंगे। वह सूरतगढ़ से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर साधुवाली श्रीगंगानगर जायेंगे। वहां गंगनहर शताब्दी समारोह, गाजर मंडी साधुवाली में आयोजित समारोह में श्रीगंगानगर में शामिल होंगे। यहां से वह वापस सूरतगढ़ जायेंगे जहां से वह फलौदी के लिये रवाना हो जायेंगे।

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