जयपुर , जनवरी 06 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को यहां नेशनल एआई लिटरेसी प्रोग्राम, राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी 2026, आईस्टार्ट लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, राजस्थान एवीजीसी-एक्सआर पोर्टल तथा राजस्थान एआई पोर्टल का शुभारंभ किया।
श्री शर्मा जयपुर के जेईसीसी में आयोजित 'राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026' के उद्घाटन सत्र में यह शुभारंभ किया। इन पहलों के माध्यम से राज्य में एआई आधारित शिक्षा, स्टार्टअप्स, शोध, कौशल विकास और डिजिटल गवर्नेंस को नई गति मिलेगी तथा सूचना प्रौद्योगिकी के उभरते हुए क्षेत्रों में नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
श्री शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि तकनीक का प्रभावी उपयोग ही भविष्य के विकास और नागरिकों को सशक्त बनाने का आधार है और राजस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नवाचार, निवेश और सुशासन का अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन में प्रभावी योगदान देते हुए राजस्थान को आईटी-आईटीईएस हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी-2026 लाई गई है। राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी-2026 सेवा प्रदायगी में सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व को ध्यान में रखते हुए ई-गवर्नेंस के विस्तार को सुनिश्चित करेगी। नीति का प्रमुख उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग का उत्तरदायी, नैतिक और सुरक्षित उपयोग करते हुए सार्वजनिक सेवा वितरण को अधिक त्वरित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। इससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी और नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
नीति के तहत एआई प्रणालियों को पारदर्शी, जवाबदेह, निष्पक्ष और गोपनीयता-संरक्षित बनाने पर विशेष बल दिया गया है। एआई सिस्टम्स में संभावित पक्षपात को कम करने, डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्णय प्रक्रियाओं की स्पष्टता बनाए रखने के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। इसके साथ ही एआई से जुड़े साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग और समाधान के लिए स्पष्ट प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। नीति के तहत प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी की जाएगी।
नीति के तहत प्रत्येक विभाग अपने-अपने कार्यक्षेत्र में एआई उपयोग की संभावनाओं की पहचान करेगा तथा एक एआई नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। आधुनिक डिजिटल एवं कंप्यूट अवसंरचना, एआई क्लाउड सेवाएं, सुरक्षित डेटा स्टोरेज और टेस्टिंग प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे। स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक संस्थानों और कॉलेजों में एआई शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जाएगा। युवाओं, शिक्षकों और सरकारी कार्मिकों के लिए विशेष एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप और रिसर्च संस्थानों को एआई से जुड़ी पहलों के लिए आरआईपीएस, एमएसएमई और स्टार्टअप नीतियों के अनुरूप टॉप-अप प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।
आमजन को एआई साक्षर बनाने और तकनीकी कौशल से लैस करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एआई साक्षरता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम से न सिर्फ विशेषज्ञ और कोडर्स बल्कि बच्चे और सामान्य युवा भी एआई की बारीकियां सीख सकेंगे। युवा एआई फॉर ऑल इस कार्यक्रम का पहला चरण है जिसमें चार घंटे के कोर्स के तहत एआई को सरल एवं व्यावहारिक रूप में समझाया जाएगा तथा क्रिएटिविटी, प्लानिंग सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इसके जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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