जयपुर , फरवरी 05 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के जवाब की कई मंत्रियों एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने तारीफ की और कहा है कि इससे विपक्ष की बोलती बंद हो गई।

राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा के पंचम सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद सरकार के जवाब के पश्चात सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने जवाब से सदन में विपक्ष की बोलती बंद कर दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल की तुलना पिछली सरकार के पांच वर्षों के कामकाज से करते हुए विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को आंकड़ों और तथ्यों के साथ बहस की खुली चुनौती दी और कहा कि "अगर हिम्मत है तो बहस करिए, आज सच में मजा आ गया जब मुख्यमंत्री ने विपक्ष को जवाब दिया।"उन्होंने कहा कि विरोध करना और देश में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना कांग्रेस की मानसिकता बन चुकी है, जिसका खामियाजा राजस्थान में कांग्रेस नेताओं को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति जनता के सामने बेनकाब हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार निरंतर विकास कार्य कर रही है, जिसका असर आने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में साफ दिखाई देगा।

इसी तरह गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म भी मीडिया से रुबरु हुए और उन्होंने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के अभिभाषण की चर्चा में वक्तव्य को निरर्थक करार देते हुए कहा कि उनके भाषण में न तो कोई सकारात्मक दृष्टिकोण था और न ही विकासोन्मुख सोच दिखाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री ने शानदार उत्तर दिया, जिससे विपक्ष पूरी तरह धराशायी हो गया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा "पांच साल बनाम दो साल" की चुनौती स्वीकार करने के बाद जिस दिन सदन में इस पर चर्चा होगी, कांग्रेस के विधायक सदन से भागते नजर आएंगे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पांच साल के "काले कारनामों" से पूरी किताब भरी पड़ी है और तुलना यदि दो साल बनाम कांग्रेस के दस साल से भी की जाए, तो भी काम की बराबरी संभव नहीं है।

विधायक हरलाल सहारण ने भी मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री के जवाब की प्रशंसा की और कहा कि प्रदेश में विकास की बयार बहा रखी है, इसी कारण उन्होंने विपक्ष को खुली चुनौती दी है। उन्होंने यमुना जल परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष केवल सवाल उठाता है लेकिन अपने शासनकाल में कभी ठोस काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि 11 फरवरी को पेश होने वाला राज्य बजट ऐतिहासिक होगा और यह समाज के हर वर्ग के लिए विशेष सौगातें लेकर आएगा।

इसी तरह विधायक गुरवीर सिंह बराड़ ने मीडिया से रुबरु होते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने महज दो वर्षों में जो विकास कार्य किए हैं, उससे कांग्रेस पूरी तरह बौखला गई है।

उन्होंने कहा कि इसी का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री ने सदन में 143 बिंदुओं का विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत कर कांग्रेस के पांच साल बनाम भाजपा सरकार के दो साल के कार्यों की तुलना रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के किसी भी नेता के पास राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान ठोस तथ्य नहीं थे और वे केवल इधर-उधर की बातें कर भ्रम फैलाते रहे।

विधायक बालमुकंद आचार्य ने भी मीडिया से रुबरु होकर पांच साल बनाम दो साल के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि विपक्ष को राजनीति करनी चाहिए, जनता के साथ मज़ाक नहीं। कांग्रेस ने अपने पांच वर्षों में जनता के साथ कुठाराघात किया, बातें बहुत कीं लेकिन काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 24 महीनों के काम गिनाकर कांग्रेस के पांच सालों से तुलना और जांच की खुली चुनौती दी, लेकिन विपक्ष ने हमेशा की तरह सदन का समय खराब किया।

श्री आचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के ठोस तथ्यों के सामने विपक्ष पूरी तरह क्लीन बोल्ड हो गया और बड़े-बड़े बोल बोलने वाले नेता खुद फंस गए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता देवतुल्य होती है और श्री शर्मा के नेतृत्व में भाजपा सरकार माताओं-बहनों, युवाओं और समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के विकास के लिए निरंतर काम कर रही है।

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