जयपुर , अप्रैल 29 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनणना-2027 के मद्देनजर प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे इसे केवल कानूनी बाध्यता के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के अवसर के रूप में अपनाये और मकान एवं परिवार के बारे में सटीक एवं सत्य जानकारी देकर राष्ट्र हित में योगदान दें।
श्री शर्मा ने बुधवार को यहां सोशल मीडिया के माध्यम से यह आग्रह किया। उन्होंने कहा, " इस मौके आपके द्वारा दी गयी जानकारी कल के विकसित राजस्थान एवं विकसित भारत के सपनों का साकार करेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्र की दिशा तय करने वाला महान राष्ट्रीय यज्ञ हैं और यह वह आधार है, जिस पर शासन की परियोजनाएं एवं संसाधन का वितरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक तक विकास की पहुुंच सुनिश्चित होती हैं।
उन्होंने कहा कि जनगणना- 2027 के प्रथम चरण में मकानों की सूची बनाने एवं मकान गणना करने का काम किया जायेगा। इसके साथ एक से 15 मई तक स्व गणना का अवसर भी मिलेगा, जिससे प्रत्येक नागरिक सीधे राष्ट्रीय दायित्व का सहभागी बन सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। जनगणना कर्मी लंबी दूरी तय कर सभी के द्वार पर आएंगे। राजस्थान की अतिथि सत्कार की परंपरा को निभाते हुए उन्हें सही जानकारी प्रदान करें। श्री शर्मा ने कहा कि जनगणना कार्य में सहयोग करना, प्रश्नों के शत, पूर्ण एवं स्पष्ट उत्तर देना और जनगणना- 2027 को सफल बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में एक मई से जनगणना 2027 का शुभारंभ होने जा रहा है और एक से 15 मई तक नागरिक 'स्व-गणना' कर सकेंगे एवं 16 मई से 14 जून तक जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों की गणना करेंगे।
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