नयी दिल्ली , फ़रवरी 05 -- भारतीय वायु सेना के एक विशेष विमान से भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष श्रीलंका पहुँचा जहाँ उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान दिया गया।

संस्कृति मंत्रालय ने आज बताया कि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल अवशेषों के साथ श्रीलंका गए हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु, अधिकारी और अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेषों का श्रीलंका में आगमन तथा इनकी प्रदर्शनी गहन आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत महत्व का क्षण है, जो भारत एवं श्रीलंका के बीच साझा बौद्ध विरासत में निहित स्थायी संबंधों को और मजबूत करता है। यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अप्रैल 2025 में श्रीलंका की राजकीय यात्रा के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप आयोजित की जा रही है, जिसमें उन्होंने श्रीलंका के साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

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