रूद्रपुर , नवम्बर 15 -- उत्ताखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में भगवान बिरसा मुण्डा की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जनजाति गौरव दिवस समारोह का शुभारम्भ करते हुए कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा जी जनजाति समाज के गौरव, साहस और स्वाभिमान के अमर प्रतीक हैं।
श्री धामी ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा ने अल्पायु में स्वतंत्रता, स्वाधिकार आत्मसम्मान की ऐसी चेतना समाज में जागृत की जिसने पूरे जनजाति समाज को एकजुट कर नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा की भगवान श्री बिरसा मुण्डा ने जनजाति समाज में व्याप्त कुरीतियों के जागरूकता फैला कर जनजाति समाज को संगठित करने का काम किया। भारत का प्रत्येक नागरिक बिरसा मुण्डा को महामानव के रूप में याद करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भगवान बिरसा मुण्डा जी की जन्म जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने लगभग 200 करोड़ की लागत से देश भर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्राहलय बनवायें है, जिससे देश भर में आदिवासी संस्कृति और योगदान को सम्मान मिला है।
उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि आज संथाल आदिवासी जनजाति की बेटी श्रीमती द्रोपदी मुर्मु हमारे देश की प्रथम नागरिक है। प्रधानमंत्री ने आदिवासी जनजाति समाज के विकास के लिए दिए जाने वाले बजट को भी तीन गुना बढ़ाकर आदिवासी समाज को सशक्त बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज को एकलव्य मॉडल स्कूल, प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान, वन-धन योजना, प्रधानमंत्री जनजाति विकास मिशन, विभिन्न पशुपालन व कृषि संबंधित योजनाओं के माध्यम से समाज एवं विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का कार्य देश में पहली बार प्रधानमंत्री ने किया है।
राज्य सरकार भी आदिवासी जनजाति समुदाय के कल्याण के लिए एवं उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड में 128 जनजाति गाँव का चयन किया गया है जिसके माध्यम से चयनित गांव में बुनियादी सुविधाओं का विकास, आर्थिक सशक्तिकरण, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा दिया जायेगा।
उन्होंने कहा की हमारे राज्य में चार आवासीय एकलव्य विद्यालय, कालसी मेहरवाना बाजपुर व खटीमा में संचालित हो रहे है। जिससे जनजाति समुदाय के छात्रों को निशुल्क शिक्षा एवं हॉस्टल की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि देहरादून के चकराता में और ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में नये आवासीय विद्यालयों का निर्माण तेजी से चल रहा है।
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