जयपुर , नवंबर 15 -- राजस्थान में जयपुर की सांसद मंजू शर्मा ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को आत्मसात करना होगा। श्रीमती शर्मा शनिवार को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर जनजाति जयपुर में आयोजित गौरव दिवस के जिला स्तरीय समारोह में सम्बोधित कर रहीं थी। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा 'जन-जंगल-जमीन' बचाने के लिए चलाए गए उलगुलान आंदोलन के प्रणेता थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय की संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने इस अवसर पर जिला परिषद, जयपुर में एक नए सभागार के निर्माण के लिये 20 लाख रुपये सांसद कोटे से देने की घोषणा भी की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं जिला प्रमुख रमादेवी चोपड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनजाति गौरव दिवस मनाने का निर्णय आदिवासी समुदाय के स्वाभिमान को ऊंचा करने का महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार भी आदिवासी समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विविध योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही हैं।

विशिष्ट अतिथि जमवारामगढ़ विधायक महेंद्र पाल मीणा ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और उनके द्वारा संचालित जंग-जंगल-जमीन की रक्षा के संदेश पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि दो अक्टूबर 2024 से पूरे वर्ष 'जनजाति गौरव वर्ष' मनाया गया, जिसके तहत आदिवासी कल्याण से संबंधित कई महत्वपूर्ण कार्य किये गये। इसी क्रम में नीट, रीट और बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को समारोह में सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के तहत भगवान बिरसा मुंडा एवं अन्य जनजातीय नायकों के जीवन पर आधारित शोभायात्रा जिला परिषद परिसर से कलेक्टर सर्किल तक निकाली गयी। इसके साथ ही आदिवासी संस्कृति और इतिहास पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन अतिथियों द्वारा किया गया।

समारोह में जनजाति छात्रावासों के छात्र-छात्राओं द्वारा भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर कविता, भाषण और आदिवासी संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गयीं।

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