भरतपुर , अप्रैल 02 -- राजस्थान में करौली में जैन अनुयायियों के प्रमुख तीर्थ स्थल श्री महावीरजी में गुरुवार को भगवान महावीर के वार्षिक लक्खी मेले के दौरान निकाली गई रथयात्रा में भगवान जिनेंद्र के दर्शन के लिए देश के विभिन्न शहरों एवं विदेशों से आये जैन और अजैन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

स्वर्ण मंडित रथ में विराजित जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की करीब 450 वर्ष पुरानी भूगर्भ से प्राप्त पाषाण प्रतिमा के मुख्य मंदिर के द्वार से बाहर निकलते ही 'जिनेंद्र भगवान की जय' के जयकारे गूंज उठे।

बैंड-बाजे की धुन पर नाचते-गाते हुए भगवान जिनेंद्र के जयकारे लगाते श्रद्धालुओं की यह रथयात्रा मुख्य मंदिर से शुरू होकर गंभीर नदी के तट तक पहुंची जहां भगवान श्रीजी का गंभीर नदी के जल से अभिषेक किया गया। हिंडौन के उपखंड अधिकारी हेमराज गुर्जर और मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल ने रथ के सारथी की भूमिका निभाई। परंपरा के अनुसार रथ के आगे मीणा समाज के लोग हाथों में लाठियां लेकर चल रहे थे, जबकि वापसी में गुर्जर समाज के लोगों ने रथ की अगुवाई की।

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