इटावा , अप्रैल 27 -- महाभारत कालीन सभ्यता से जुड़े उत्तर प्रदेश के इटावा में लायन सफारी के पास निर्माणाधीन केदारेश्वर महादेव मंदिर को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ अद्भुत कार्य खुद भगवान ही करवा रहे हैं।

श्री यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया, " जिनको करवाते खुद 'भगवान', कुछ ऐसे अनोखे होते हैं काम!"इटावा में लायन सफारी के पास केदारेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। इस मंदिर का निर्माण स्वयं अखिलेश यादव की देखरेख में, उन्हीं के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति के रूप में इटावा में इस केदारेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही, दक्षिण भारत की चोल, पांड्य और विजयनगर स्थापत्य शैलियों के समन्वय से यह मंदिर आकार ले रहा है। चारों दिशाओं में चार भव्य गोपुरम, मंदिर को चारों ओर से घेरने वाला विशाल प्राकार (कॉरिडोर), तथा लगभग एक एकड़ भूमि में पवित्र पुष्करिणी (टेम्पल टैंक) का निर्माण किया जा रहा है। यह उत्तर भारत में दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला की भव्यता को दर्शाने वाला एक अद्वितीय निर्माण है।

केदारेश्वर महादेव मंदिर निर्माण संस्था से जुड़े संस्था के डायरेक्टर मधु बोट्टा ने बताया कि सदियों बाद धरती पर फिर से ऐसा महान और भव्य मंदिर बन रहा है। श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर केवल पत्थरों से बना एक मंदिर नहीं है; यह सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, भक्ति और शाश्वतता का प्रतीक है।"उन्होंने कहा कि समय बदल जाए, राज्य बदल जाएं, मुख्यमंत्री बदल जाएं, प्रधानमंत्री बदल जाएं, लेकिन मंदिरों की महिमा कभी कम नहीं होती। मंदिरों की महिमा कभी मिट नहीं सकती। हजारों वर्षों तक अटल खड़े रहने वाले इस दिव्य मंदिर का निर्माण अखिलेश यादव के हाथों हो रहा है, यह वास्तव में ईश्वर की इच्छा है। यह राजनीति से परे का कार्य है। कुछ कार्य मनुष्य नहीं करते कि स्वयं महादेव ही अखिलेश यादव के माध्यम से करवाते हैं। आने वाली पीढ़ियां इस मंदिर को देखकर इतिहास को याद करेंगी।

सपा में उत्तर प्रदेश इकाई के सचिव गोपाल यादव ने कहा कि 500 वर्षों बाद इस शैली का मंदिर देश में बन रहा है, जिसका नाम केदारेश्वर महादेव मंदिर है। यह भव्य मंदिर अखिलेश यादव द्वारा बनवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ से लेकर रामेश्वरम टेंपल तक भगवान शिव के जितने भी प्रसिद्ध मंदिर हैं, वे जिस पवित्र शिवशक्ति अक्ष रेखा पर स्थित हैं, उसी दिव्य रेखा पर इटावा का श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर भी स्थित है।

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