चंडीगढ़ , जनवरी 09 -- यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंजर ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को सवाल-जवाब के लिए दी गयी चुनौती की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह न केवल सिख मर्यादा का उल्लंघन है, बल्कि सिख कौम की सर्वोच्च संस्थाओं के प्रति अहंकारी और अपमानजनक रवैये को भी दर्शाता है।

श्री झिंजर ने शुक्रवार को कहा कि जिस व्यक्ति को सिख रहित, मर्यादा और इतिहास की समझ ही नहीं है, वह सिखों के सर्वोच्च तख़्त के जत्थेदार के साथ सवाल-जवाब करने की हिम्मत कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा कि श्री मान को यह बात स्पष्ट रूप से समझ लेनी चाहिए कि उन्हें जत्थेदार साहिब द्वारा सचिवालय में तलब किया गया है, न कि श्री अकाल तख़्त साहिब द्वारा। उन्होंने कहा कि एक ओर श्री मान खुद को 'नम्र सिख' बताते हैं और दूसरी ओर सिख कौम की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार को चुनौती देते हैं, यह उनके दोहरे मापदंड और झूठे चेहरे को उजागर करता है।

एक वायरल वीडियो का ज़िक्र करते हुए, जिसकी प्रामाणिकता की फिलहाल जांच की जा रही है, श्री झिंजर ने कहा कि उसमें श्री मान गुरु साहिबान और संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि इस वीडियो ने सिख भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है, जिसे कोई भी सिख सहन नहीं कर सकता। बरगाड़ी में शहीदों के भोग के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्र उपस्थिति में नशे की हालत में पहुंचने की घटना को याद दिलाते हुए श्री झिंजर ने कहा कि यह सीधी तौर पर बेअदबी थी, लेकिन अफसोस की बात है कि भगवंत मान ने आज तक इसके लिए सिख कौम से माफी मांगने की भी ज़हमत नहीं उठायी।

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