रांची, 30अक्टूबर (वार्ता) झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने आज सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की।
वीसी का उद्देश्य राज्यभर में ब्लड बैंकों के सुचारू संचालन और नेशनल ब्लड पॉलिसी 2002 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
श्री सिंह ने सभी जिलों को अधिक से अधिक ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में कार्यरत सभी एनजीओ को इस अभियान से जोड़ा जाए, ताकि वॉलंटरी ब्लड डोनेशन को बढ़ावा मिल सके।
श्री सिंह ने सभी सिविल सर्जनों को जिला उपायुक्त के साथ बैठक कर सरकारी और निजी ब्लड बैंकों की ऑडिट रिपोर्ट शनिवार तक उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
जहां-जहां ब्लड बैंक में एलिसा टेस्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां इसे तत्काल प्रभाव से स्थापित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, टेस्टिंग में फोर्थ जनरेशन किट्स के प्रयोग पर बल दिया गया।
श्री सिंह ने निर्देश दिया कि सभी ब्लड बैंक अपने लाइसेंस का नवीनीकरण या नए लाइसेंस के लिए आवेदन ओएनडीएलएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन सबमिट करें। उन्होंने ड्रग डायरेक्टर को शीघ्र अपडेटेड रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।
अपर मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में ब्लड रिप्लेसमेंट नहीं किया जाएगा। ब्लड कलेक्शन केवल स्वैच्छिक दाताओं के माध्यम से ही किया जाए।
श्री सिंह ने निर्देश दिया कि ब्लड डोनर, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों का पूरा रिकॉर्ड ई-रक्त पोर्टल पर अपडेट किया जाए। साथ ही, आरटी-पीसीआर और ट्रूनेट मशीनों को भी अद्यतन किया जाए।
श्री सिंह ने कहा कि ब्लड बैंक का प्रभारी यथासंभव एमडी पैथोलॉजी डॉक्टर होना चाहिए, और उन्हें कहीं अन्यत्र प्रतिनियुक्त नहीं किया जाए। साथ ही, टेक्निकल स्टाफ और काउंसलर की पर्याप्त नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाए। जिन जिलों में एमडी पैथोलॉजिस्ट नहीं हैं, वहां शीघ्र नियुक्ति के निर्देश दिए गए।
राज्य के सभी जिलों में ब्लड सेपरेशन मशीन की स्थापना शीघ्र करने का आदेश दिया गया।
श्री सिंह ने कहा कि रक्तदाताओं में कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स बढ़ाए जाएं और इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कारपोरेशन के एमडी अबु इमरान, झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की कार्यकारी निदेशक डॉ. नेहा अरोड़ा, एनएचएम निदेशक शशि को प्रकाश झा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, तथा डीआईसी सिद्धार्थ सान्याल सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
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