लखनऊ , फरवरी 23 -- मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरक मिसाल पेश करते हुए ब्रेन डेड घोषित 43 वर्षीय संदीप कुमार के परिजनों ने अंगदान का निर्णय लेकर एक अन्य मरीज को नई जिंदगी दी है। उनके निर्णय से किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में सोमवार को एक सफल लिवर प्रत्यारोपण संभव हो सका।
एक दिन पूर्व संदीप कुमार को पीजीआई में ब्रेन डेड घोषित किया गया था। ब्रेन डेड के बाद परिजनों की सहमति पर उनका आर्गन डोनेशन हुआ था, लेकिन लिवर के लिए उपयुक्त रिसीपिएंट उपलब्ध नहीं था। इस स्थिति में केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद से संपर्क किया गया। उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए स्वयं पूरे प्रत्यारोपण की प्रक्रिया का समन्वय संभाला और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराईं।
कुलपति के निर्देशन में 35 वर्षीय रवीन्द्र प्रताप सिंह को लिवर प्रत्यारोपण के लिए चयनित किया गया। रविवार होने के बावजूद ऑपरेशन थिएटर, उपकरण, दवाएं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की व्यवस्था युद्धस्तर पर की गई। विशेषज्ञों की टीम ने रविवार शाम ऑपरेशन शुरू किया, जो सोमवार सुबह करीब 5 बजे तक चला। जटिल प्रक्रिया के बाद लिवर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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