दावोस , जनवरी 23 -- विश्व आर्थिक मंच की यहां जारी बैठक में झारखंड सरकार के सहयोग से ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री वुमेन एम्पावरमेंट (ब्रिक्स सीसीआई डब्लूई) द्वारा आयोजित एक उच्च स्तरीय परिचर्चा में सरकार तथा वित्त और उद्योग जगत की हस्तियों ने महिला उद्यमशीलता को एक प्रमुख आर्थिक रणनीति बताया।
"महिला उद्यमशीलताः वृद्धि को गति एवं एक टिकाऊ अर्थव्यवस्था का निर्माण" विषय पर हुई आयोजित परिचर्चा में इस बात पर मंथन किया गया कि महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सतर्कतापूर्ण पूंजी निवेश के दौरान किस प्रकार से लचीली, समावेशी और टिकाऊ वृद्धि को संभव बना सकते हैं।
झारखंड की विधायक और महिला एवं बाल विकास समिति की चेयरपर्सन कल्पना मुर्मू सोरेन ने बताया कि झारखंड के दीर्घकालीन एजेंडा में उद्यमशीलता के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को किस प्रकार समाहित किया गया है। उन्होंने कहा, "समाज को मजबूत बनाने के लिए हमें सबसे पहले हमारी महिलाओं को मजबूत बनाना होगा। झारखंड में महिलाओं को अदृश्य या अवैतनिक योगदानकर्ता के रूप में नहीं देखा जाता है। स्वयं सहायता समूहों, शिक्षा, कौशल विकास और क्रेडिट लिंकेज के जरिये वे गरिमा और विश्वास के साथ आर्थिक कारक बन रही हैं।"उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों, व्यापक आजीविका कार्यक्रमों और 65 करोड़ डॉलर से अधिक के क्रेडिट लिंकेज के जरिये 34 लाख से अधिक महिलाओं को लामबंद किया गया है। शिक्षा, कौशल और शुरुआती चरण में हस्तक्षेप पर सरकार फोकस कर रही है ताकि महिलाएं सहायता योजनाओं से टिकाऊ उपक्रमों के सृजन की ओर बढ़ सकें।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित