विजयवाड़ा , मार्च 05 -- आंध्र प्रदेश सरकार का दावा है कि राज्य में 20 महीनों में 6.28 लाख नौकरियों का सृजन हुआ है।
राज्य के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया कि इनमें से 2.48 लाख नौकरियां सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) में, 1.46 लाख कौशल विकास पहलों के जरिए, 95,000 उद्योगों में और 64,000 खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में पैदा हुईं। इसके अलावा मेगा डीएससी, पुलिस कांस्टेबल भर्ती और दूसरी सरकारी नियुक्तियों के जरिए 30,500 सरकारी नौकरियां दी गईं।
श्री नायडू ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि 2019 और 2024 के बीच पिछली सरकार के शासन के दौरान आंध्र प्रदेश ब्रांड को बहुत नुकसान हुआ। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 और 2023-24 के बीच 913 कंपनियां बंद हो गईं। मौजूदा गठबंधन सरकार आंध्र प्रदेश अब 'कारोबार में सुगमता' का पता चल रहा है। 26 पॉलिसी के साथ मंजूरी तेजी से दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "पर्यटन क्षेत्र को औद्योगिक दर्जा दिया गया है। सभी 175 चुनाव क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क बनाए जा रहे हैं। 210 करोड़ रुपये के औद्योगिक प्रोत्साहन जारी किए गए हैं। हाल ही में विशाखापत्तनम में हुए निवेशकों के सम्मेलन में 13.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश मिले, जिससे 16 लाख नौकरियां पैदा होंगी।"मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए काम कर रही है और विशाखापत्तनम, अमरावती और तिरुपति को आर्थिक क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, "आंध्र प्रदेश का लक्ष्य 2047 तक 2.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।" उन्होंने बताया कि विशाखापत्तनम सूचना प्रौद्योगिकी और जीसीसी के लिए एक हब के रूप में उभरने को तैयार है। अमरावती में 'क्वांटम वैली' जैसा इकोसिस्टम बन रहा है। तिरुपति को अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। गूगल और टाटा-टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियां विशाखापत्तनम आई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्सेलर मित्तल एक स्टील प्लांट लगा रहा है।
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