नयी दिल्ली , मार्च 05 -- पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने अंतर्देशीय जलमार्ग नौवहन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कदम उठाते हुए ब्रह्मपुत्र नदी पर चार प्रकाश स्तंभ बनाने की आधारशिला रखी है।
श्री सोनोवाल ने गुरुवार को गुवाहाटी के लाचित घाट पर आयोजित समारोह में प्रकाश स्तंभ एवं प्रकाश जहाज महानिदेशालय और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित समारोह में यह आधारशिला रखी।
श्री सोनोवाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में, अंतर्देशीय जलमार्ग न केवल सड़क और रेल परिवहन का विकल्प हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक शक्ति गुणक के रूप में सक्रिय और सक्षम बन रहा है। जलमार्ग से एक टन माल ढुलाई की लागत सड़क परिवहन की तुलना में बहुत कम है, कार्बन उत्सर्जन भी नगण्य है। ब्रह्मपुत्र पर बने ये प्रकाश स्तंभ इस इरादे का प्रमाण हैं कि भारत की नदियां चौबीसों घंटे व्यापार के लिए खुली हैं।
आधिकारिक सूचना के अनुसार ये चारों स्थल असम के डिब्रूगढ़ जिले में बोगीबील, कामरूप जिले में पांडू, नागांव जिले में सिलघाट और बिश्वनाथ जिले में बिश्वनाथ घाट पर स्थित हैं और ये सभी स्थल सबसे महत्वपूर्ण अंतर्देशीय माल और यात्री गलियारों में शामिल हैं।
चारों प्रकाश स्तंभों की कुल परियोजना लागत लगभग 84 करोड़ रुपये है। प्रत्येक प्रकाश स्तंभ 20 मीटर ऊंचा होगा, जिसकी भौगोलिक सीमा 14 समुद्री मील और प्रकाशीय सीमा 8-10 समुद्री मील होगी, और यह पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होगा। नौवहन अवसंरचना के साथ-साथ, प्रत्येक स्थल पर एक संग्रहालय, एम्फीथिएटर, कैफेटेरिया, बच्चों का खेल क्षेत्र, स्मारिका दुकान और सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थान होंगे, जो प्रत्येक प्रकाश स्तंभ को एक पर्यटन स्थल के साथ-साथ एक कार्यात्मक समुद्री संपत्ति के रूप में स्थापित करेंगे।
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