बैतूल , दिसंबर 15 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में अब तक के सबसे बड़े संगठित साइबर ठगी और अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बैतूल पुलिस ने महज सात माह में एक ही म्यूल बैंक खाते से 10 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का खुलासा किया है। इस मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि करोड़ों रुपये की मनी ट्रेल की जांच अभी जारी है।
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने आज पत्रकार वार्ता में बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी के निर्देशन में गठित साइबर सेल और विशेष एसआईटी टीम ने इस संगठित नेटवर्क की परतें खोली हैं। जांच में सामने आया कि अवैध ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी से प्राप्त रकम पहले फर्जी फर्मों के करंट खातों में जमा की जाती थी और फिर म्यूल खातों के जरिए आगे ट्रांसफर की जाती थी।
नवीन कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों अश्विन धर्मवाल, प्रवीण जायसवाल और पीयूष राठौड़ को गिरफ्तार किया है। अश्विन धर्मवाल ने अश्विन एग्रो नाम से फर्जी फर्म बनाकर उसके खाते से 10.12 करोड़ रुपये का अवैध लेन-देन कराया। प्रवीण जायसवाल ने विभिन्न जिलों में करीब 50 बैंक खाते खुलवाकर इस नेटवर्क को उपलब्ध कराए, जबकि पीयूष राठौड़ अवैध सिम कार्ड की सप्लाई कर साइबर अपराध को मजबूती दे रहा था।
पुलिस ने बताया कि म्यूल खातों को कमीशन पर उपलब्ध कराया जाता था, जिसमें सेविंग अकाउंट पर 10 हजार रुपये और करंट अकाउंट पर 26 हजार 500 रुपये तक दिए जाते थे। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि लालच में आकर अपने बैंक खाते या सिम कार्ड किसी अन्य को देना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस ने मामले में जप्त मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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