बैतूल , अप्रैल 6 -- मध्यप्रदेश के बैतूल नगर में वर्षों से जमा प्लास्टिक कचरे का अब उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। नगर पालिका द्वारा ट्रेंचिंग ग्राउंड से अलग की गई पॉलिथिन और अन्य प्लास्टिक सामग्री को ट्रकों के माध्यम से जबलपुर के समीप स्थित प्लांट भेजा जा रहा है, जहां इससे ऊर्जा तैयार की जाएगी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शहर में करीब चार दशकों से जमा लेगेसी वेस्ट के निष्पादन के लिए लगभग पांच करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है। ईकोस्टन क्षेत्र में करीब एक लाख 33 हजार टन कचरा आठ एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके वैज्ञानिक निष्पादन के लिए निजी कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो कचरे को प्रोसेस कर उपयोगी सामग्री अलग कर रही है।

कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि प्रतिदिन आठ से दस ट्रकों के जरिए लगभग 100 टन प्लास्टिक कचरा जबलपुर के पास स्थित प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है, जहां इसका उपयोग बिजली उत्पादन में किया जाएगा। इससे ऊर्जा उत्पादन के साथ पर्यावरण पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा।

नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि लेगेसी वेस्ट के निष्पादन के लिए कंपनी को समय सीमा दी गई है और तेजी से ट्रेंचिंग ग्राउंड से कचरा हटाया जा रहा है। इस प्रक्रिया से शहर को स्वच्छ बनाने और पुराने कचरे के ढेर से मुक्ति दिलाने में मदद मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में इस परियोजना की धीमी प्रगति को लेकर सवाल उठे थे, जिसके बाद प्रशासन द्वारा जांच कर कार्रवाई की गई थी। अब कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

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