बैतूल , मार्च 24 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में जल संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सभी शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी एसडीएम, जनपद सीईओ और सीएमओ अपने-अपने क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शासकीय कार्यालयों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और अस्पतालों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि वर्षा जल का संरक्षण प्रभावी रूप से सुनिश्चित हो सके।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना और अमृत 2.0 योजना की भी समीक्षा की गई। नगरीय निकायों के अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समय पर पूर्णता के निर्देश दिए गए। साथ ही संकल्प से समाधान अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती बरतने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
इसी दिन आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर सूर्यवंशी ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया। जनसुनवाई में कुल 120 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, भूमि विवाद, पेंशन, आवास, बिजली और पानी से संबंधित मामले प्रमुख रहे।
जनसुनवाई के दौरान भीमपुर निवासी आशुतोष मालवीय द्वारा कृषि भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर तहसीलदार को कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि मुलताई निवासी संतोष बारंगे के बीपीएल कार्ड संबंधी आवेदन पर संबंधित अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जल संरक्षण और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए जिले में सतत निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
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