रायपुर , नवंबर 05 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने बिलासपुर रेल हादसे में मृतक परिवारों के एक करोड़ रुपये और घायलों को 50 लाख रुपये मुआवजे देने की मांग की है।

श्री बैज ने रेल हादसे के घायलों से मिलकर उनका हालचाल जाना और इलाज की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये और घायलों के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग करते हुए रेलवे ट्रैक पर 'कवच' ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम न लगाए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला।

उन्होंने इस घटना को सरकारी लापरवाही बताते हुए कहा कि बिलासपुर रेल हादसे की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "यह हादसा डबल इंजन की सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के साथ की जा रही उपेक्षा का सीधा परिणाम है। सवाल यह है कि छत्तीसगढ़ के रेलवे ट्रैक में 'सुरक्षा कवच' जैसी आधुनिक सिग्नल प्रणाली क्यों नहीं लगाई जा रही है। रेलवे को देश में सबसे ज्यादा राजस्व बिलासपुर जोन से मिलता है, लेकिन सुरक्षा के मामले में यह जोन सबसे उपेक्षित है।"कांग्रेस नेता ने आगे बताया कि बिलासपुर रेलवे जोन से केवल माल भाड़े से केंद्र सरकार को हर साल 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी होती है, लेकिन यहां के यात्रियों को बुनियादी सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर रेलवे जोन में लगभग 600 किलोमीटर अप और डाउन लाइन में कवच सुरक्षा सिग्नल प्रणाली स्थापित करने का प्रस्ताव मई 2024 से केंद्र सरकार के पास लंबित पड़ा है।

श्री बैज ने छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा, "लोकसभा में भाजपा के 10 सांसद छत्तीसगढ़ की जनता ने चुनकर भेजे हैं, जिनमें से एक बिलासपुर के सांसद तोखन साहू केंद्रीय मंत्री हैं। उन्हें दलीय राजनीति छोड़कर छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कवच सिग्नल प्रणाली पूरे प्रदेश के रेलवे ट्रैक पर लगाने की मांग मोदी सरकार से करनी चाहिए। नहीं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।"प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि ट्रेनों में यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और रेलवे सुरक्षा आयोग की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "केवल मुआवजा कोई समाधान नहीं है। सरकार को तकनीकी और संसाधनों का उपयोग यात्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए तत्परता दिखानी चाहिए। रेलवे केवल परिवहन नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की लाइफलाइन है। इसकी विश्वसनीयता कायम रखना सरकार का दायित्व है।"उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में ऑटो ब्रेकिंग सुरक्षा तकनीक स्थापित की जा रही है, तो छत्तीसगढ़ के रेलवे ट्रैक इससे अब तक वंचित क्यों हैं। उन्होंने कहा कि इस आधुनिक सिग्नल प्रणाली के लगने से एक ही ट्रैक पर चल रही ट्रेनों के बीच 400 मीटर की दूरी पर ही ऑटोमैटिक ब्रेक लग जाएगा और ट्रेनों के आपस में टकराने की घटनाएं रुक जाएंगी। श्री बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली यात्री ट्रेनों को सबसे ज्यादा रद्द किया जा रहा है और तकनीक व संसाधनों के प्रयोग से यात्री सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने में छत्तीसगढ़ के साथ सबसे ज्यादा उपेक्षा का व्यवहार किया जा रहा है।

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