एमसीबी , दिसंबर 03 -- छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) में संरक्षित बैगा जनजाति के परिवारों के मकान तोड़े जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र के लोगों में रोष है। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित बैगा परिवारों से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली।
श्री बैज ने प्रशासनिक कार्रवाई को "क्रूर, अमानवीय और असंवैधानिक" बताते हुए कहा कि यह घटना स्वास्थ्य मंत्री के क्षेत्र में हुई है, जो और भी अधिक चिंताजनक है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रशासनिक इस कार्रवाई को लेकर अधिकारियों के घरों के बाहर बैठकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
श्री बैज ने संरक्षित जनजाति के लोगों के घरों के तोड़े जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हम अधिकारियों के घरों के बाहर बैठकर उन्हें छत नहीं होने का अहसास करवा देंगे, हम लोग घर के बाहर ऐसे बैठेंगे कि अंदर से कोई बाहर नहीं जा सकें और बाहर से कोई अंदर नहीं जा सके।"घटना पर गहरी नाराज़गी व्यक्त करते हुए श्री बैज ने कहा कि बैगा जनजाति के लोग राष्ट्रपति की दत्तक पुत्र हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सम्मान सरकार की संवैधानिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "इस पूरी घटना की जानकारी हम राष्ट्रपति जी को भी देंगे। बैगा जनजाति पर अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, सरकार को पहले पुनर्वास, सुरक्षा, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध करना चाहिए था लेकिन इसके उलट, प्रशासन ने कोई भी नोटिस दिये या व्यवस्था किये बिना मकान ढहा दिये, जो कानून और आदिवासी अधिकारों की खुलेआम अवहेलना है।
बैगा परिवारों ने बताया कि वे वर्षों से उसी स्थान पर रह रहे थे, अचानक प्रशासनिक कार्रवाई की गई, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को रात में खुले में रहना पड़ा, उनके घर का सामान बिखरा पड़ा हुआ है।
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