पौड़ी , नवंबर 02 -- उत्तराखंड के तहसील पौड़ी के तहत गगवाड़स्यूँ घाटी के प्रसिद्ध सिद्धपीठ देवलेश्वर महादेव मंदिर बलोड़ी में रविवार को बैकुंठ चतुर्दशी मेले का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने देवलेश्वर महादेव के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
मेले में उपस्थित स्थानीय जनसमुदाय ने जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर उत्साह और हर्ष व्यक्त किया। लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में उनका गरमजोशी से स्वागत किया तथा मंदिर समिति की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
वहीं जिलाधिकारी ने कहा कि देवलेश्वर महादेव मंदिर इस घाटी के 34 से अधिक गाँवों की आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखता है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि लोकपरंपरा, लोककला और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है।
समिति की मांग पर जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि मंदिर के ऊपरी भाग पर टाइल्स की जगह शिल्प सम्बन्धी कार्य के अलावा इतिहास, स्थापत्य और विरासत को सहेजने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे तथा मंदिर परिसर में सूचना-पट्ट (साइनेज) लगाए जाएंगे, ताकि इस तीर्थ की पहचान केवल घाटी तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे जनपद और प्रदेश तक पहुँचे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित