लखनऊ , दिसंबर 05 -- उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए अलग-अलग बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लेकर गायब हो जाता था। यह गिरोह अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है।

एसटीएफ फील्ड यूनिट गौतमबुद्धनगर द्वारा एक दिन पूर्व गुरुवार को की गई इस कार्रवाई में गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज़, विभिन्न बैंकों की चेक बुक और एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार अभियुक्तों में रामकुमार , इन्द्रापुरम, गाजियाबाद, नितिन जैन शाहदरा, दिल्ली, मो. वसी सरायकेला, झारखण्ड, शमशाद आलम , चम्पारण सरन बिहार, इन्द्रकुमार कर्माकर पालम विहार, गुरूग्राम हरियाणा, अनुज यादव , मोहन नगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, ताहिर हुसैन, जामा मस्जिद के पीछे, रजपुरा, संभल, अशोक उर्फ दीपक जैन उर्फ रिंकी शाहदरा, दिल्ली शामिल है।

इस बाबत एचडीएफसी बैंक के एक अधिकारी का शिकायती प्रार्थना पत्र जॉच के लिये एसटीएफ को प्राप्त हुआ था, जिसकी जाँच के लिये प्रकरण एसटीएफ फील्ड इकाई, नोयडा को सन्दर्भित किया गया था। इसी क्रम में राज कुमार मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ फील्ड इकाई, नोएडा के पर्यवेक्षण एवं नवेन्दु कुमार, पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ नोएडा के नेतृत्व में निरीक्षक सचिन कुमार, एसटीएफ नोएडा यूनिट गौतमबुद्धनगर द्वारा टीम गठित कर अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।

एक दिन पूर्व गुरुवार को निरीक्षक सचिन कुमार, एसटीएफ नोएडा को मुखबिर के माध्यम से ज्ञात हुआ कि एक संगठित गिरोह द्वारा कूटरचित दस्तावेज बनाकर लोगों के घरों के फर्जी दस्तावेज बनाये जा रहे हैं तथा उनके नाम के फर्जी व्यक्ति की प्रोफाइल बनाकर लोगों की सम्पत्ति को विभिन्न बैंको से लोन कराकर बेच दिया जा रहा है। इस सूचना को गहनता से विकसित करने के उपरान्त रामकुमार, नितिन जैन, मो. वसी, शमशाद आलम, इन्द्रकुमार कर्माकर, अनुज यादव, ताहिर हुसैन तथा अशोक उर्फ दीपक जैन उर्फ रिकी उपरोक्त को मय दस्तावेजों आदि के विस्तृत पूछताछ हेतु एसटीएफ़ यूनिट गौतमबुद्धनगर में लाया गया। सम्पूर्ण पूछताछ के उपरान्त पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर उपरोक्त आठों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त रामकुमार ने पूछताछ पर बताया कि उसकी उम्र लगभग 45 साल है और वह पूर्व में एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक में लोन एग्ज्यूकेटिव के पद पर काम कर चुका है। इसके पश्चात फर्जी प्रोफाइल तैयार करके लोन कराने के कार्य में संलिप्त हो गया। अभियुक्त रामकुमार द्वारा विभिन्न बिल्डरों के साथ मिलकर फर्जी प्रोफाइल तैयार करके उनके नाम से होम लोन तैयार करके लोन लिया जाता है, जिसमें से कुछ रकम बिल्डर अभियुक्त रामकुमार को वापस देता है।

अभियुक्त रामकुमार द्वारा टीएसए साफ्वेयर सर्विसिज प्रालि एंव ट्रिपटेची प्रालि नाम से फर्जी आधार कार्ड बनाकर तैयार किये गये फर्जी व्यक्ति को डायरेक्टर बनाकर रजिस्ट्रर्ड कराई है। इन कम्पनियों में फर्जी आधार कार्ड पर बनाये गये व्यक्ति के बैंक खाते, बैंक कर्मियों के साथ मिली भगत करके खोले हैं तथा इन कम्पनियों में फर्जी रूप से प्रतिमाह सैलरी भेजकर उनकी प्रोफाइल तैयार की है तथा ऐसे प्रोफाइल तैयार किये गये फर्जी व्यक्तियों के नाम से विभिन्न बैंकों से होम लोन, पर्सनल लोन आदि लिये हैं।

उसने बताया कि इन सब कार्यों में गैंग के लोगों के अलग-अलग कार्य होते हैं। इस गैंग के मो. वसी एवं शमसाद, बिहार के ऐसे लोगों को तलाशते थे, जो गल्फ कन्ट्री में नौकरी करते हैं इन व्यक्तियों को कुछ पैसे का लालच देकर उनकी प्रोफाइल पर लोन कराकर सम्पत्ति खरीद लेते हैं। अधिकतर ऐसी सम्पत्तियों फर्जी व्यक्ति को खड़ा करके खरीदी जाती है अथवा बिल्डर के साथ मिलीभगत करके लोन कराते है तथा धन को आपस में बांट लेते हैं।

इसी प्रकार की एक सम्पत्ति रतनावासुदेवा नाम की महिला की दिल्ली में स्थित है, रतनावासुदेवा की मृत्यु हो चुकी है एवं इनके पुत्र विदेश में रहते हैं। रतनावासुदेवा के स्थान पर शाहिदा अहमद नाम की एक महिला को खड़ी करके उसकी सम्पत्ति सनाउल्ला अंसारी के नाम इस गैंग द्वारा करा दी गयी जिसमें 4.8 करोड रूपये का लोन बैंक से प्राप्त करके आपस में बांट लिया।

गैंग का एक सदस्य अनिल शर्मा, दिल्ली में इसी प्रकार की एक सम्पत्ति का फर्जी बैनामा करके एलआईसी हाउसिंग से 1.25 करोड़ का लोन लेकर फर्जीवाडा करने के आरोप में मार्च-2025 में थाना ईओडब्लू दिल्ली के मु.अ.स. 93/23 में गिरफ्तार होकर जेल में निरूद्ध है। इस प्रकार 100 करोड से अधिक के लोन के फर्जीवाडे के प्रारम्भिक साक्ष्य अभियुक्तों से पूछताछ एवं दस्तावेजों से प्राप्त हुए हैं। जिसमें उत्तर प्रदेश के नोएडा, लखनऊ एवं बनारस, उत्तराखण्ड के हरिद्वार, चंडीगढ, दिल्ली तथा गुरुग्राम के कई बिल्डरों की भी मिलीभगत होना ज्ञात हुआ है।

गैंग के सदस्य अशोक कुमार, नितिन जैन, कर्माकर, तारिक अनुज आदि ने कई प्रोपराईटर फर्म फर्जी व्यक्तियों के नाम से बना रखी है, जिनमें धोखाधडी से प्राप्त धन को साइफनिंग करके अभियुक्तों को दिया जाता है। अब तक ऐसी 20 से अधिक शेल फर्मों की जानकारी प्राप्त हुई है जो धनशोधन के लिए प्रयुक्त की जा रही थी। फर्जी प्रोफाइल एवं धन की साइफनिंग के कारण न तो बैंक वास्तविक व्यक्ति तक पहुँच पाता है और यह गैंग पुलिस की पकड़ से भी बचा रहता है। इस गैंग के सदस्य हाईप्रोफाइल रहते हैं।

गिरफ्तार अभियुक्त राम कुमार एमबीए पास है तथा अभियुक्त वसी, कम्पनी सेक्रेटरी (सीएस) तथा एमबीए पास है तथा एलएलबी पास है, जो कई वर्षों से एक्सचेंन्सर कम्पनी में लीगल एवं रिस्क मैनेजर के पद पर कार्य कर रहा है तथा अन्य गिरफ्तार अभियुक्त भी अपनी पहचान छिपाकर फर्जी प्रोफाइल से गैंग के कार्य करते हैं, जिससे उनकी वास्तविक पहचान उजागर नही हो पाती है। अभियुक्तों के पास से बरामदगी से ज्ञात हुए लगभग 220 बैंक खातों को फ्रीज कराया गया है।

गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्व थाना सूरजपुर गौतमबुद्धनगर पर धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340 (2), 61(2) बीएनएस एवं 66 डी आई०टी० एक्ट का अभियोग पंजीकृत कराया गया है। अग्रिम कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

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