लखनऊ , जनवरी 27 -- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचने से स्वरोज़गार और उद्यमिता को नई गति मिली है। महिलाएं भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर व्यवसाय प्रारंभ कर रही हैं और आधुनिक तकनीकों के सहारे आत्मनिर्भर बन रही हैं।
राज्यपाल मंगलवार को गोमती नगर स्थित विराज खंड में एचडीएफसी बैंक के मेगा करेंसी चेस्ट एंड डब्ल्यूबीओ परिसर के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने बैंकिंग प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि निर्धारित समय पर बैंक बंद होने के पीछे विस्तृत लेखा-जोखा और शेष धनराशि को सुरक्षित लौटाने की सुव्यवस्थित प्रक्रिया होती है, जो व्यवस्था की पारदर्शिता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि पहले आम व्यक्ति के लिए बैंक ऋण प्राप्त करना कठिन होता था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। महिला किसान और सामान्य नागरिक आसानी से बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। "ड्रोन दीदी" जैसी पहल का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि महिलाएं अब ड्रोन, ट्रैक्टर जैसी तकनीकों के माध्यम से कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे रही हैं।
राज्यपाल ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि निजी क्षेत्र को शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विकास में आगे आना चाहिए। अनेक विद्यालयों में कंप्यूटर, स्मार्ट क्लास और भवन जैसी सुविधाओं का अभाव है, जिसे सरकारी प्रयासों के साथ निजी सहभागिता से दूर किया जा सकता है।
जन भवन में संचालित आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों के बच्चे भी यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, तथा विद्यालय को कक्षा 12 तक विस्तारित किए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि गरीब और वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़े बिना विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य संभव नहीं है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित