पिथौरागढ़ , मई 01 -- उत्तराखंड में बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर पिथौरागढ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश धाम के कपाट शुक्रवार को विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
इसी के साथ ही इस वर्ष की आदि कैलाश यात्रा एवं ॐ पर्वत यात्रा का भी औपचारिक शुभारंभ हो गया है। कपाट खुलने की प्रक्रिया पूर्ण विधि-विधान एवं पारंपारिक रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुई।
शिव-पार्वती मंदिर के पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल, वीरेंद्र सिंह कुटियाल एवं रमेश कुटियाल ने विधिवत पूजा-अर्चना कर देश, प्रदेश एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके उपरांत मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
कपाट खुलने के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक आस्था, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
ग्राम प्रधान नगेन्द्र सिंह कुटियाल के अनुसार लगभग 100 किलोग्राम फूलों से शिव पार्वती मंदिर को सजाया गया। धारचूला से उप जिलाधिकारी आशीष जोशी ने 250 श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर आदि कैलाश के लिए रवाना किया।
कपाट खुलने के मौके पर स्थानीय जनता, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस, आईटीबीपी के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान आईटीबीपी के कमांडेंट संजय कुमार, 65 आरसीसी ग्रेफ के ओसी लेफ्टिनेंट कर्नल अखिल कौशल देव सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
श्री जोशी ने बताया कि जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। यात्रा मार्गों की स्थिति, आवास व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं, संचार प्रणाली एवं सुरक्षा को सुदृढ़ किया गया है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को निर्बाध एवं सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें। धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण यह यात्रा सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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