देवरिया , फरवरी 10 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) शैलजा मिश्रा ने कहा कि परिवार रूपी बगिया को संवारने वाले बुजुर्ग बोझ नहीं बल्कि वरदान होते हैं और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप के मार्गदर्शन में शहर के पुरवा मेहड़ा स्थित वृद्धा आश्रम में आयोजित विधिक जागरूकता एवं साक्षरता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जिसने परिवार को संवारकर सदाबहार बनाया, उस बागबान को ताउम्र सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को अपनों के बीच हंसते-मुस्कुराते जीवन व्यतीत करने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने वृद्धजनों को उनके विधिक अधिकारों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि बुजुर्गों का अनुभव समाज और परिवार के लिए मार्गदर्शक होता है। उनके अनुभव से नई पीढ़ी अपने प्रगति पथ को सुदृढ़ बना सकती है।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती मिश्रा ने आश्रम में रह रहे संवासियों से मुलाकात कर उनके खान-पान, रहन-सहन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
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