भुवनेश्वर , जनवरी 25 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में तीव्र शहरीकरण और आर्थिक विकास के प्रमुख इंजन के रूप में परिकल्पित भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र (बीसीपीपीईआर) के विकास के लिए नीति आयोग से सहयोग मांगा है।
मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित आर्थिक क्षेत्र की परिवर्तनकारी क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 90 प्राथमिक परियोजनाओं से युक्त बीसीपीपीईआर ओडिशा के शहरी और औद्योगिक परिदृश्य को उल्लेखनीय रूप से बदल सकता है। उन्होंने अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से वित्तीय सहायता सहित नीति आयोग के मार्गदर्शन और समर्थन का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने यह अनुरोध शनिवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी से मुलाकात के दौरान किया। इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. अरविंद विरमानी भी मौजूद थे। बैठक में ओडिशा सरकार और नीति आयोग के बीच बढ़ती साझेदारी पर जोर दिया गया तथा राज्य की विकास प्राथमिकताओं, जारी सुधारों और भविष्य में सहयोग के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सड़क, सिंचाई, बिजली और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और संपर्क सुविधा में ओडिशा की उल्लेखनीय प्रगति के बारे में जानकारी दी । उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र औद्योगिक विस्तार और ग्रामीण विकास को गति दे रहे हैं। उन्होंने एमएसएमई को सशक्त बनाने, विनिर्माण समूहों के विकास, निवेश आकर्षित करने और स्थानीय आर्थिक क्षमता के अनुरूप कौशल विकास के जरिए रोजगार सृजन पर राज्य के विशेष ध्यान की जानकारी दी।
ओडिशा की विकास यात्रा की सराहना करते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और राज्य सरकार के सुधारोन्मुख दृष्टिकोण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ओडिशा वित्तीय स्वास्थ्य के मामले में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है और यहां औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल, स्थिर और निवेशक-अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार हुआ है।
श्री बेरी ने प्रभावी सुधारों के क्रियान्वयन के लिए राज्य की सराहना करते हुए कहा कि इससे औद्योगिकीकरण को तेज़ी से बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने भुवनेश्वर को एक मॉडल शहर के रूप में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें प्रभावी सीवेज प्रबंधन, स्वच्छता, हरित क्षेत्र और सतत शहरी अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है। उन्होंने भुवनेश्वर को देश के लिए एक मानक शहर के रूप में विकसित करने हेतु "टेक्सास मॉडल" जैसी एकीकृत शहरी नियोजन पद्धति सहित वैश्विक सर्वोत्तम विधियों को अपनाने का सुझाव दिया।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने हरित ऊर्जा परिवर्तन, डेटा-आधारित शासन,कौशल प्रणाली सुधार, मूल्य श्रृंखला विकास के माध्यम से जनजातीय सशक्तिकरण और फ्रंटियर टेक लैब के तहत लिविंग लैब्स जैसी नवोन्मेषी पहलों में नीति आयोग के साथ ओडिशा के सक्रिय सहयोग की भी सराहना की।नीति आयोग के सदस्य डॉ. अरविंद विरमानी ने भी राज्य की दूरदर्शी नीतियों और समावेशी एवं सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुधार एजेंडे के अनुरूप कारोबार सुगमता और निवेश सुविधा को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए विश्वास जताया कि नीति आयोग के साथ साझेदारी ओडिशा की समावेशी विकास, औद्योगिक प्रगति और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार की यात्रा को और तेज़ करेगी।
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