जयपुर , फरवरी 24 -- राजस्थान के राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि अजमेर जिले में सरवाड़ तहसील के अजगरा गांव में बीसलपुर परियोजना के विस्थापितों को चारागाह भूमि कृषि उपयोग के लिए आरक्षित की गयी थी और इन भूमियों के गलत आवंटन के प्रकरण में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तीन महीने में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

श्री मीणा शून्यकाल में विधायक शत्रुघ्न गौतम के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि आरक्षित भूमि में से चार मार्च, 2011 को 49 आवंटन बीसलपुर विस्थापितों के नाम दर्ज किये गये थे। संबंधित आवंटियों द्वारा 11 मार्च तथा 10 मई, 2011 को आवंटित भूमि का विक्रय कर दिया गया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन उपखंड अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर सभी नामांतरण निरस्त कर दिये गये थे।

उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि इस मामले की गंभीरता से पुनः जांच कराकर दोषियों के खिलाफ तीन महीने के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।

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