बीजापुर , दिसंबर 04 -- छत्तीसगढ के पश्चिम बस्तर क्षेत्र के कचीलवार-पोटेनार जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 18 नक्सली मारे गये जिनमें नौ महिलायें हैं।
बुधवार को बारह घंटे तक चली मुठभेड़ में तीन जवान शहीद हो गये और तीन घायल हो गये। मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों 18 नक्सलियों के शव मिले हैं जिनमें नौ महिलाएं हैं। मौके से बड़ी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और रोजमर्रा के उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। अधिकारियों के मुताबिक इस कार्रवाई ने क्षेत्र में सक्रिय नक्सलियों की ताकत को काफी नुकसान पहुंचाया है।
बीजापुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से गुरुवार की शाम मिली जानकारी के मुताबिक, जांगला और नैमेड की सरहद वाले जंगलों में पीएलजीए कंपनी नंबर-02 कमांडर वेल्ला मोड़ियम, डीवीसीएम झितरू ओयाम, मोटू कवासी और अन्य सदस्यों की बड़ी मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और कोबरा 210 बटालियन की संयुक्त टीम को अभियान के लिए रवाना किया गया था। कल सुबह से गुरुवार सुबह तक चले इस लंबे ऑपरेशन में नक्सलियों ने कई दिशाओं से गोलीबारी की, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने संगठित तरीके से मोर्चा संभालते हुए जंगलों में तलाशी अभियान चलाये रखा। अंतिम चरण की तलाश में बलों को कचीलवार-पोटेनार के बीच स्थित एक खाईनुमा क्षेत्र में नक्सलियों के शव मिले।
घटनास्थल से बरामद 18 शवों की प्राथमिक पहचान पुलिस ने पूरी कर ली है। इनमें वेल्ला मोड़ियम, जो कंपनी नंबर-02 का इंचार्ज और दस लाख रुपये का इनामी था, डीवीसी सदस्य झितरू ओयाम, डीवीसी सदस्य मोटू कवासी पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था। पीपीसीएम रैंक का वीरसाय, पीएम रैंक का गेयुरू उइके, सीवाईपीसी रैंक का वड्डी भीमा, कंपनी नंबर-02 का प्लाटून कमांडर वेन्नम हिडमा, पार्टी सदस्य कूजनू कुडियम, अक्का कवासी, अक्का हिडमा, वीक्का मडकम, माओ मुचाकी और बसावारा मडकम शामिल हैं। दो महिला माओवादियों की पहचान प्रक्रिया जारी है। पुलिस के अनुसार ढेर किए गए अधिकांश माओवादी लंबे समय से दक्षिण बस्तर में सक्रिय थे और कई घटनाओं में उनकी भूमिका की पुष्टि पूर्व में भी हो चुकी है।
मुठभेड़ क्षेत्र से सुरक्षा बलों को अत्यधिक मात्रा में हथियार और नक्सल सामग्री प्राप्त हुई है। जब्त सामान में एक एलएमजी, एक एके-47 राइफल, एक एसएलआर, एक इंसास राइफल, एक 303 राइफल, एक सिंगल शॉट गन, एक बीजीएल लॉन्चर तथा उसके कई शेल, एक वायरलेस सेट, एक स्कैनर मशीन, बड़ी संख्या में कारतूस, नक्सल वर्दी, पिट्ठू बैग, दवाइयां, टिफिन बॉक्स, राशन सामग्री और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नक्सलियों द्वारा उपयोग की जा रही विस्फोटक सामग्री, जिलेटिन, डेटोनेटर तथा आईईडी के पुर्जे भी बरामद किए गए, जिससे स्पष्ट होता है कि दस्ते ने किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रखी थी।
पुलिस के अनुसार 2025 में बीजापुर जिले में अब तक 161 नक्सली मारे जा चुके हैं और 546 को गिरफ्तार किया गया है तथा 560 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। अधिकारियों ने कहा कि नक्सल उन्मूलन के लिए अभियान भविष्य में और अधिक विस्तार के साथ जारी रहेगा और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की उपस्थिति और मजबूत की जाएगी।
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