बीजापुर , फरवरी 12 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया। जिले के आवापल्ली-मुरदंडा एक्सिस पर सुरक्षाबलों ने गुरुवार को लगभग 25 से 30 किलोग्राम वजनी कमांड वायर आईईडी को डिटेक्ट कर उसे सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सेक्टर की स्पेशल सर्विलांस टीम द्वारा विकसित खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।

सीआरपीएफ कैंप की ओर से गुरुवार को मिली जानकारी के अनुसार, 196 बटालियन सीआरपीएफ और 170 बटालियन के संयुक्त दल ने मुरदंडा स्थित कैंप से आवापल्ली की ओर लगभग 2.7 किलोमीटर की दूरी पर यह विस्फोटक बरामद किया। पूरी कार्रवाई 196 बटालियन के कमांडेंट कुमार मनीष के निर्देशन में संपन्न हुई। इस दौरान 170 बटालियन के सेकंड इन कमांड शिव प्रसाद और थाना प्रभारी आवापल्ली भी मौजूद रहे।

सुरक्षाबलों ने घटनास्थल पर जेसीबी और पोकलेन मशीन की सहायता से इस आईईडी को खोदकर निकाला। यह विस्फोटक सड़क की सतह से लगभग दो फीट नीचे प्लास्टिक कंटेनर में छिपाकर रखा गया था, जबकि कंटेनर का निचला हिस्सा सड़क स्तर से पांच फीट नीचे तक धंसा हुआ था। आईईडी सड़क के किनारे से करीब पांच फीट अंदर की ओर लगाया गया था।

विस्फोटक में लाल रंग का नॉटेड कॉर्डेक्स वायर और यूरिया का इस्तेमाल किया गया था। इसे बिजली के तार से जोड़ा गया था, जिसे मिट्टी की सतह से दो से पांच इंच नीचे दबा दिया गया था।

सुरक्षाबलों ने बेहद सावधानीपूर्वक इस पूरे तंत्र को ध्वस्त किया और आज शाम लगभग चार बजे आईईडी को सड़क से सुरक्षित हटा लिया गया। इसके बाद जेसीबी की मदद से सड़क पर हुई खुदाई को भरकर यातायात बहाल कर दिया गया।

इस पूरे अभियान में किसी भी प्रकार की जनहानि या सुरक्षाकर्मियों को चोट नहीं आई। माना जा रहा है कि यह आईईडी सुरक्षाबलों के वाहनों को निशाना बनाकर लगाया गया था, लेकिन समय रहते खुफिया जानकारी और सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल इलाके में सर्च अभियान जारी है।

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