बीजापुर , अक्टूबर 29 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बुधवार को 51 नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्य लौट आए।
छत्तीसगढ़ सरकार की "पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन" नीति के तहत इन नक्सलिययों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में वापसी का निर्णय लिया। इनमें नौ महिला और 42 पुरुष सदस्य शामिल हैं, जिन पर कुल 66 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
यह समूह विभिन्न स्तरों के महत्वपूर्ण कैडरों को समेटे हुए है, जिनमें पीएलजीए बटालियन सदस्य, एरिया कमेटी सदस्य, मिलिशिया कमांडर और जनताना सरकार के पदाधिकारी शामिल हैं। इन सभी ने संविधान में आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा, "सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है। मुख्यधारा में लौटने वाले कैडरों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जिएं।"वर्ष 2025 में अब तक बीजापुर जिले में 461 माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं, जबकि 138 मुठभेड़ों में मारे गए और 485 गिरफ्तार किए गए हैं। 2024 से अब तक कुल 650 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
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